एक लेखक बनने की कोशिश कर रहे हैं
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खुद के साथ problem create करो तभी समझदार बनोगे, वरना बिखर जाओगे क्योकि अगर सोना जलेगा नही तो उसमे चमक कहां से आएंगी मयंक
कौन से शब्द मे लिखूं मां की तारीफ , "जनाब " मां अपनी सुंदरता त्याग देती है अपने बच्चों के खातिर मयंक
आज फिर नींद को आँखो से बिछड़ते देखा अपनी जिंदगी को ख्वाबों से लड़ते देखा मिलने आती थी जो संवरकर मेरे लिए आज उसे भी किसी और के लिए संवरते देखा