A shy story teller.. An introvert poet.. If you are reading this then Thank you in advance..
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तराशा है खुद को, हीरे से ज्यादा बर्दाश्त किया खुद ने, वो तूफ़ान, वो रास्ता| जब चोट लगी तो मरहम भी खुदी लगाया अब सब दफा हो जाओ, जब हसना हमे आया|
आशिक नही हु मैं, फिर भी लोग पागल कहते है| मैं तो सिर्फ मुस्कुराना चाहती हु, ना जाने क्यु, लोग इस मुस्कान से भी जलते है|