अपने बारे में बहुत सोचा और बहुत समझा कि कुछ लिखूँ ... फ़िलहाल कुछ शब्दों में खुद को बांध देना अभी ज़रूरी नही लग रहा .. हाँ , इतना कह सकती हूँ...अपने दर्द को आवाज़ देना सीख गयी हूँ...पढ़ाई -एम.ए. हिंदी और बी.एड कर रखी है । व्यवसाय - अभी नौकरी नही कर रही हूँ... फ़िलहाल तो लिखने के क्षेत्र में अपना... Read more
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दूसरों को उनके किए की सज़ा वक़्त आने पर खुद -ब -खुद मिल जाएगी तुम अपने गुनाहों की फ़िक्र करो बस। Gurpreet kaur
जब आप Unfit कपड़ा पहनने पर खुद को Uncomfortable महसूस करते है तो किसी Unfit रिश्ते में खुद को कैसे महफूज़ रख सकते हो??