किसी को अपनी कमज़ोरी बताना स्वयं के लिए ही हानिकारक होता है, क्योंकि जब तक किसी को आपकी कमज़ोरी का पता नहीं होगा तब तक वह आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, परन्तु जैसे ही दूसरे को उस कमज़ोरी का पता चलता है, वह उसी को हथियार बनाकर उस पर प्रहार करने की कोशिश करता है!! -सखी
तू कहे तो दुनिया से रुस्वाई ले लू, तेरे लिए जिंदिगी से तन्हाइ ले लू, तेरी ख़ुशी के लिए तेरे प्यार के वास्ते.. खुद को मिटा दू ज़माने से बेवफाई ले लू!! -सखी
इस दिल ने जितने दर्द सहे, उतना ही दिल निर्मल बनता गया.. ख़ामोशी से अश्क़ो को पीकर, दर्दो को सहकर मुस्कुराना सीखता गया!! -सखी
इस दिल ने जितने दर्द सहे, उतना ही दिल निर्मल बनता गया.. ख़ामोशी से अश्क़ो को पीकर, दर्दो को सहकर मुस्कुराना सीखता गया!! -सखी
शारीरिक कष्ट से कही ज्यादा, किसी की आत्मा को कष्ट पहुँचाना, सबसे बड़ा पाप मै समझती हूँ, क्योंकि शारीरिक चोट की दवा होती है, और प्रत्यक्ष दिखाई देती है, परन्तु आत्मा की पीड़ा व उसकी कराहट, न सुनाई देती है न दिखाई जा सकती है!! -सखी