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Bushra Firoz Ansari
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Submitted on 10 May, 2021 at 11:22 AM

अपनो ने धोखा दिया तो अजनबियों से वास्ता जुड़ गया, वक्त की ख़बर न थी बस जो था वही मुक्कदर बन गया। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 07 May, 2021 at 14:56 PM

वो जो अपना लगता है काश की वो अपना होता, हमदर्दी न सही तो दर्द भी न देता। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 30 Apr, 2021 at 10:04 AM

आज फिर वो बड़ी शिद्दत से मुझे चाहने लगे है, कुछ ऐसे ही उनके सपने हम रोज देखा करते हैं। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 29 Apr, 2021 at 09:52 AM

किसी की तरबियत पहचानना इतना आसान भी नहीं होता, आपके अपने भी दूसरो से गीला शिकवा किया करते है। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 28 Apr, 2021 at 09:23 AM

मेरी शरारत उनकी मुस्कान है मेरा सुकून उनका लेना मेरा नाम है मेरी पहली मोहब्बत की वो शान है क्योंकि वो हमारी प्यारी अम्मी जान है।

Submitted on 24 Apr, 2021 at 10:21 AM

मोहब्बत करना है तो दिल से किया कीजिए, वरना खेलना मुझे भी आता है ये समझ लीजिए। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 23 Apr, 2021 at 10:53 AM

इन बारिशों की बूंदों में अश्क ऐसे छुप जाते है, जैसे किसी के मोहब्बत को दिल में छुपाया हो। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 22 Apr, 2021 at 10:56 AM

हम आपसे इतनी मोहब्बत भी नही कर सकते, कि आपके गुनाहों को नजरंदाज कर सके। Bushra Firoz Ansari

Submitted on 10 Apr, 2021 at 14:28 PM

वो आंखो में कुछ इस तरह रह गये, जब भी याद आये वो अश्क बन गये।


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