सन 1998 से छोटी कविताएं गीत व हिंदी लेख व कहानी लिख रहा हूँ। काशी साहित्य संस्थान से सम्मान पत्र। श्री राम साहित्य महोत्सव 2023 से सम्मानित। शब्द सागर पत्रिका से 'सौहार्द साहित्य सम्मान 2023' प्राप्त. कई पत्रिकाओ में लिखा। पहली बार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आया हूँ। वर्तमान में बच्चों व बड़ों को... Read more
Share with friends
जब हम किसी बोतल को पानी से भरते हैं तो बोतल की गर्दन तक भरते भरते उसकी आवाज में भारीपन आ जाता है। बिलकुल ऐसे ही सफलता के नजदीक आते आते आपके व्यवहार में भारीपन यानि परिवर्तन होना स्वभाविक है।
जब हम किसी बोतल को पानी से भरते हैं तो बोतल की गर्दन तक भरते भरते उसकी आवाज में भारीपन आ जाता है। बिलकुल ऐसे ही सफलता के नजदीक आते आते आपके व्यवहार में भारीपन यानि परिवर्तन होना स्वभाविक है।
जब हम किसी बोतल को पानी से भरते हैं तो बोतल की गर्दन तक भरते भरते उसकी आवाज में भारीपन आ जाता है। बिलकुल ऐसे ही सफलता के नजदीक आते आते आपके व्यवहार में भारीपन यानि परिवर्तन होना स्वभाविक है।
जब हम किसी बोतल को पानी से भरते हैं तो बोतल की गर्दन तक भरते भरते उसकी आवाज में भारीपन आ जाता है। बिलकुल ऐसे ही सफलता के नजदीक आते आते आपके व्यवहार में भारीपन यानि परिवर्तन होना स्वभाविक है।