@sanjay-kumar-yadav

Sanjay kumar Yadav
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मैं दिल्ली मे रहता हूँ और बैंक मे जॉब करता हूँ मुझे लिखने का शौक है ज्यादा तो नहीं लेकिन जो लिखता हूँ दिल से लिखता हूँ और मेरा लिखा हुआ किसी को पसंद आये तो यें मेरे लिये बहुत बड़ी बात होंगी

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लास्ट अटेम्पट खुद से खुद मैं टूट चुका हूँ हार रहा हूँ चुक रहा हूँ।। दोस्त यार सब नाते टूटे मतलब के सब रिश्ते छूटे।। अपने कौन पराये कौन है उन सबको पहचान रहा हूँ।। खुद से खुद मैं टूट चुका हूँ हार रहा हूँ चुक रहा हूँ।। ✍️✍️✍️

रुकावटे आती है सफलता की राहो मे ये कौन नहीं जानता, फिर भी वह मंजिल पा ही लेता है जो हार नहीं मानता।।

सपने देखो और जरूर देखो जो आप जिंदगी मे चाहते है ... क्युकी बिना सपने देखे आप वो नहीं पा सकते जो आप चाहते है....

आज बरसो बाद इन ओठों पर तेरा नाम आया पता नहीं क्यों लेकिन बेहिसाब आया.. ✍️✍️✍️

हे नाथ मेरे भोले शम्भू तू सुन ले ये मेरी पुकार सबको खुशियाँ ही खुशियाँ दे भर दे झोली सबकी आपार.. ॐ नम शिवायः 🙏🙏💐💐 संजय कुमार यादव (निर्मल )

हमें तो प्यार था उनसे और आज भी है लेकिन वही बदले बदले नज़र आते है ✍️✍️✍️ संजय कुमार यादव (निर्मल )

रूठ कर जो तुम मुझसे दूर चले जाओगे रह ना सकूगा यार तुम बहुत याद आओगे

इन आँखों का क़सूर क्या है ये तो बता दो अगर तुम्हे देखना कोई गुनाह है तो मुझे सजा दो बस तुम अपने आँखों पर वो काजल ना लगाया करो जिसे देख बार बार गुनाह करने का मन करता है... संजय कुमार यादव (निर्मल )

आते हो सपने मे मेरे तुम कभी हक़ीक़त मे भी आ जाया करो हर रोज मुस्कुरा कर तुम ऐसे ना जाया करो.. तुमसे ही दिन ढलता हैँ मेरा यें शाम तुम्ही से होता हैँ चुपके से रात की चांदनी मे तुम ऐसे ना खो जाया करो.. ✍️✍️✍️ संजय कुमार यादव (निर्मल )


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