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Mohanjeet Kukreja

'Literary Brigadier' and a 'Voice of StoryMirror'. The author, who belongs to Delhi (India), and prefers to be called 'eMKay' (short for Mohanjeet Kukreja), is a Pharma professional, holding a master's degree (M. Pharm) from University of Delhi; who nurtures writing as a passion. He loves to write poetry and stories about various aspects of life. His understanding of the words used in Urdu poetry is truly remarkable, and using a very beautiful blend of Hindi and Urdu, he has written on almost every possible theme, be it romance, life philosophy and of late, Sufism. Blessed with a deep, soothing voice, and a very impressive enunciation, the author also keeps sharing the rendition of his own creations, as well as those from other renowned poets. You can enjoy many of his presentations on his YouTube Channel, as well as in the AUDIOS section of StoryMirror. Books to his credit: (1) "अभिव्यक्ति...एक काव्य संकलन": a wonderful, maiden collection of his poetry, with a select-mix of ashʻār, kavita, nazm, qat.a and ghazals from his shayari. (2) "मनगढ़ंत" (Hindi Short Stories): This collection of his crisp stories includes Two world-famous stories - 'The Mark of Vishnu' By Khushwant Singh and 'The Gift of the Magi' By O Henry - translated by the author from English. (3) “Within and Around” (Short Stories): A concoction of twenty-one beautiful stories as his first book in English and is certainly a must have! Like last time, It contains English translation of two world-famous stories: ‘Sona – The Doe’ By Mahadevi Verma and ‘Open it!’ By Saadat Hasan Manto. (4) “Four Pillars Five Stories” (Classic Short Stories): From the era of Neo-romanticism (Chhaayavaad Yug) of Hindi literature, there were four writers/poets, who are considered as aadharstambh (pillars) – Mahadevi Verma, Suryakant Tripathi Nirala, Jaishankar Prasad and Sumitranandan Pant. This collection is an English translation of five great stories by them. (5) "ख़यालात - चंद ग़ज़लें": A beautiful collection, of fifty-one meaningful ghazals, which is simply a delight! वेबसाइट: http://mohanjeetkukreja.com; यूट्यूब चैनल: https://www.youtube.com/user/TheEmkay1311; Mohanjeet can be reached at kaviemkay@rediffmail.com; Cell: 75748 05007 read more

  Literary Brigadier

Susceptibility

Romance

A Microbiologically romantic poem...

1    3.3K 8

न हारे हैं, ना हारेंगे…

Inspirational

याद रहे किसीसे भी हाथ नहीं मिलाओगे हाथ जोड़ प्यार तथा सम्मान जताना है...

1    138 3

होली है...

Abstract

कब तक तुम यूँ ही डरोगे, आख़िर जियोगे कब? वक़्त निकल रहा हाथों से, गुज़रते जाते हैं बरस !

1    125 11

फिर कोशिश करते हैं !

Romance

चलो एक बार - फिर कोशिश करते हैं !

1    151 3

सामीप्य

Romance

काश मैं घड़ी की मिनट वाली सुई होती...

1    166 1

विडम्बना

Drama

किसी की ख़ुशी में शरीक़ होने के लिए कोई ख़ुद को ही मिटाए दे रहा था !

1    212 35

तुम्हारी क़सम

Romance

वादा ना मिलने का जो तुमने लिया है...

1    160 4

खर-पतवार…

Inspirational

दिलों के दरमियाँ नज़दीकियां मुश्किल से बना करती है मगर दूरी कोशिश के बिना बढ़ती है उसको ज़रूर पाट...

1    298 14

यथार्थ!

Abstract

जब दूरियाँ मिटीं तो यह जाना तुम एक भयावह समुद्र कहाँ हो तुम तो बस एक लहर-मात्र हो! जो बस कुछ दूर ...

1    342 51

“इख़्तियार!”

Romance

मोहब्बत की हर बात पे आँसू बहा क्यों तेरा ज़िक्र तेरा चर्चा हर वक़्त रहा क्यों? उम्मीद

1    282 31

वाइज़ और मैं…

Romance

दोनों ही धुन के पक्के थे, वो आ ना सका, मैं जा ना सका !

1    144 4

ज़िन्दगी - एक पहलू...

Tragedy

घर के चूल्हे की जगह ग़रीब-मासूम बच्चों के पेट में धधकती भूख और प्यास की आग।

1    223 10

चेतना!

Tragedy Others

पर दिल ने दलील पेश की - ‘तूने कोई ग़लती नहीं की, ये मुर्दा-परस्त लोग बस यूँ ही किया करते हैं!’ और ...

1    363 31

कविता…

Abstract

मुझे तो चुपचाप इन पंक्तियों को जिये जाना है...

1    278 39

अज्ञात प्रेयसी के नाम...

Romance

इंतज़ार किया करता हूँ तुम्हारा… नाहक़ (!) क्योंकि वादा तो दूर की बात तुमसे कभी ‘मिला’ ही नहीं !

1    187 15

घोंसला

Abstract

सेहन में एक घोंसला बना, टिक जाती हैं।

1    337 25

तन्हाई

Others

वक़्त के साथ चलते हुए, हर मोड़ पर छूटा है कोई, कोई हम-सफ़र बन कर हर क़दम साथ चला है , त

1    199 9

विरुद्ध…

Abstract

परिस्थिति के अनुकूल चल पड़ते हैं अक्सर...!

1    143 3

परिवर्तन

Tragedy

पता नहीं क्यों अब मगर, होने लगा है अचानक तन्हाई का सा एहसास !

1    195 29

यादें...

Romance

बड़ा परेशान करती हैं रोज़ कुछ यादें मुझको...

1    318 11

धागा...

Abstract

मान लो तो सब कुछ नहीं तो एक धागा है !

1    306 40

कुछ ख़्वाहिशें हैं…

Abstract

दुश्मनों को ख़ुद ही दे अपना पता रखा है !

1    258 4

सोचना ठीक नहीं...

Others

कभी सोचती हूँ - क्या सोचती हूँ, कभी सोचती हूँ - क्यों सोचती हूँ...

1    309 31

क्षितिज

Abstract

जहाँ गगन और धरा प्रेमावश आलिंगनबद्ध हैं !

1    444 11

पी लेते हैं...

Others

कोई अपना बिछड़ जाए, दिल को गर चैन ना आए; ग़म के साथ ही जी लेते हैं...

1    221 7

यह मातम क्यों?

Inspirational

दोस्त मिले तो बहुत मिले, मोहब्बत भी हमें कई बार हुई... गर आज अकेले बैठे हैं, तन्हाई का आख़िर यह मातम...

1    193 4

दामन

Romance

समझना-समझाना पर किस काम... जब कोई दामन ही छुड़ाने लगे !

1    250 17

“दिलासा”

Romance

थोड़ी देर को सही कुछ दूर ही सही; यह कम तो नहीं तुम चली हो साथ!

1    175 21

सपनों की पौध

Others

एक से पानी, खाद या धूप से सब बीज पौधे नहीं बना करते !

1    220 25

चाहत!

Romance

पूरा होना ना लिखा था मोहब्बत की तक़दीर में...

1    161 6

एक राज़ के लिए

Romance

आओ तुम्हें बाँहों में छिपा लूँ, समा जाओ मेरी आग़ोश में - यहाँ तुम बिल्कुल सुरक्षित हो, जब तलक कि म...

1    239 15

मशवरा

Romance

चलो ना ऐसा करते हैं... फिर से साथ चलते हैं !!

1    262 25

पता नहीं...

Others

गले में टांग रखी है पते की एक तख़्ती... बे-ख़बरी इतनी, रहता कहाँ है पता नहीं !

1    236 4

मुलाक़ात

Drama

मोहब्बत-ख़ुलूस का बाज़ार ज़रा बंद है, शिक़ायत तो है बहुत बोलचाल जरा बंद है।

1    179 4

ज़िन्दगी का फ़ल्सफ़ा

Others

फ़ज़ाओं में बहार थी, रंगीनियाँ तो बिखरी थीं हर तरफ़... दिखा नहीं या देखा ही नहीं, यह तो बस तुम जान...

1    435 3

अभाव

कभी तो तुम्हारे बिना ही साथ रहता हूँ मैं तुम्हारे, और कभी तुम्हारे सामने भी तन्हा सा हो जाता हूँ ...

1    222 6

परिवर्तित दृष्टिकोण

Romance

कुछ कहने लायक़ मैं हूँ कहाँ? जो मैंने किया तुम्हारे साथ - वह भी तो 'वफ़ा' कहाँ था ?

1    232 4

डर

ऊपर आसमान में सितारों के साथ बैठ कर दुनिया को और नीचे गुज़रती गाड़ियों को देखना

1    320 7

पैसा

Drama

इसने हर एक बेटे को दुर्योधन... हर मामा को कंस बना रखा है

1    223 4

उम्र-क़ैद

जीवन बिता डाला पूरा, जिसको हासिल करने में... मंज़िल तो अब दिखती है, राह सुझाई देती नहीं !

1    277 8

बूढ़ी किताब

Abstract

कवि: शिव कुमार बटालवी; पंजाबी से अनुवाद: मोहनजीत

1    292 6

ख़ैरियत

बाज़ आये ऐसी मोहब्बत से... अच्छे थे हम इसके बिना ही !

1    189 3

ख़्वाहिश

काश कभी ऐसा हो जाए... झील बन जाए इक दरिया,

1    350 2

पुनर्जन्म

मेरे साथ ही तो थी तन्हाई, दिल की भी आँखें नम थीं; वजह भी क्या कुछ कम थीं, फिर क्या हुआ – पता नहीं...

1    218 5

हैचरी के चूज़े

Drama

डाo रमेश कुमार; हिंदी अनुवाद: मोहनजीत कुकरेजा

1    323 4

ख़ुद की साल गिरह पर

जिए जाते हैं मगर फिर भी... यह भी क्या कम कमाल है !

1    211 5

कृति

Others

कुछ अस्पष्ट सी रेखाएँ कौंधा करती हैं अक्सर… कड़कती बिजली की तरह, मेरे दिमाग़ के कैनवस पर

1    169 2

नामकरण

Romance

जब रिश्तों के बग़ैर ही… सम्बन्ध हुआ करते हैं, तो नाम बिना रिश्ता सही!!

1    211 4

“कैक्टस”

और चूम लेता हूँ उस सदाबहार कैक्टस रूपी दर्द को...

1    145 2

ख़ुद से कहीं दूर

Classics

बेग़ानों को तो ख़ैर फ़ितरतन, ताउम्र बेग़ाना ही रहना था; शिक़ायत अपने साये से है जो अब मेरे साथ नहीं...

1    203 3

कोशिश

Romance Tragedy

दिलो-दिमाग़ से तो आख़िर जुड़ी ही रहेंगीं यादें तुम्हारी...

1    187 4

जीवनसार

Inspirational

किसी भी बढ़े हुए हाथ की उंगली थाम कर, नित नए लक्ष्य की ओर नन्हे-कदम बढ़ाना...

1    137 2

ख़त...

Romance

क्योंकि वो ख़त आज भी मेरे दिल की तहों में महफ़ूज़, राह देख रहा है तुम्हारी, मेरी ही तरह...!

1    388 46

“ख़ुमार…”

Romance Others

दीवानेपन की इंतिहा ना कोई, चलता-फिरता इश्तिहार हूँ मैं !

1    403 41

प्रस्ताव

हाँ, अपने इस ग़म को तुम, बिना किसी हिचकिचाहट, बाँट सकती हो साथ मेरे...

1    374 42

प्रेरणा

Romance Tragedy

यह उखड़ापन तुम्हारा; यह बेरुख़ी मुझसे, एक प्रेरणा है मेरे लिए !

1    315 15

निदान

Drama Tragedy

किस-किस को दवा दें, मरहम लगाएं कहाँ-कहाँ ? डॉक्टर भी परेशान हैं… पूरा माहौल ही बीमार है !

1    373 15

ख़बर

मेरा पता क्या पूछे किसी से, ख़ुद की ना उसको ख़बर है

1    298 6

निराशावादी पहलू

Drama

लोगों की शिकायतों से उनकी तीखी बातों से तंग आकर... घबराकर, क्या छोड़ दूँ लिखना..?

1    307 5

शिकायत

Romance

ताकि कोई ना किसी को… ख़त लिखने का जुर्म करे; और ना किसी को किसी से भूले से भी फिर प्यार हो…!

1    310 41

कश्मकश

Drama

ग़र्दे-राह की तरह... उड़ा करते हैं अक्सर!

1    247 7

वक़्त से..

Drama

हर ग़लत बात पर लोग तेरा ही नाम लेते हैं, क्यों इतने इल्ज़ाम लिए फिरता है अपने सर ?

1    260 9

मृगतृष्णा

Inspirational

रेगिस्तानों में भी कहीं कभी कोई भ्रम... पानी में बदलता है?

1    262 7

“एक अजनबी शहर”

Others

ये चिर-परिचित सड़कें एक प्रश्न-वाचक चिन्ह बन खड़ी होती हैं, और पूछने लगती हैं… क्या पहले भी कभी गु...

1    265 8

माँ

Drama

सौ-सौ सजदा इसको यह माँ है… यह जो माँ है !

1    228 9

तो बात बने

ज़िन्दगी छोटी सही... नायाब तोहफ़ा है; सलीक़े से जी पाओ तो कुछ बात बने !

1    244 8

सिर्फ़ तुम्हारे लिए

क्योंकि किसी की महोब्बत में... मरने को महज़ एक वहम साबित करना ही है उसे…!

1    221 10

नया साल है...

नयी सुबह है एक, उसे सलाम कर! नया साल है, नए काम कर!!

1    786 13

उन दिनों...

Others

दिन में भी ख़्वाब और हवा में उड़ते-फिरना.. फ़जा में हर तरफ एक रंगीनी थी उन दिनों !

1    2.5K 12

दीदार-ए-यार

धड़का था दिल जब ज़ोर से, पहला प्यार ही तो नहीं था? रहता मुझको रात दिन, उसका इंतज़ार ही तो नहीं था!?

1    3.5K 15

जीवन गणित

Drama

जीवन भी तो गणित का कठिन एक सवाल है !!

1    4.5K 9

सुकून

Drama

नया इश्क़ एक नया जुनून है इन दिनों !

1    1.2K 9

पहला प्यार

Fantasy Romance

अपने क़दमों की आहट लगे कभी तुम्हारी सी और अपनी आवाज़ में से तेरी आवाज़ आती है...!

1    1.6K 13

हिम्मत-अफ़्ज़ाई...!

Inspirational

कोशिशें मुसलसल हैं अगर, ख़्वाब अधूरे रहेंगे क्यों ? मंज़िल चल के क़रीब आएगी, तुम अगरचे ठान लो !

1    7.2K 11

फ़ितरत पे सवाल

Others

एतबार अगर दुश्वारियों का बाइस बनता है तो बने.. वो ज़िदगी क्या जीना जिसमें कोई कमाल ना हो !

1    7.2K 13

अभी था...

Drama

तू मिला पर एक छलावे जैसा, अभी था, और अभी नहीं था...!

1    1.3K 14

अनुभूति

Drama Romance

दर्द इतना न दो कि कोई भी दर्द, दर्द ना रहे।

1    7.1K 11

अंदाज़ अपना अपना

Drama Inspirational Tragedy

ज़िन्दगी इतनी बुरी नहीं दोस्त, ढंग से जी कर देखो

1    1.4K 9

कम्पास !

कॉलेज से निकल सोचते थे झंडे गाड़ देंगे... पता न था हरा दूसरी साइड पर ग्रास था!

1    1.5K 14

एक क़ता...

Others Tragedy

जिस्म कुछ इतना नाज़ुक है, बेहाल-निढाल हुआ जाता है लहू से अगरचे शराबोर रहे...कभी रूह दुहाई देती नहीं...

1    7.3K 13

भारत के लाल...... एक सलाम

Action Inspirational

तिरंगे की लाज रखते-रखते प्राण अपने न्योछावर करके भारत के लाल कहलाते हो !

1    6.9K 10

चाहा था जिसको !

लहू का क्या, वो आज तलक रिस्ता है... ज़ख्मों को अपने कभी सिया ही नहीं !

1    14.3K 10

"ख़ुशफ़हमी"

Drama Others

उन कंटीले सत्यों से इस नाज़ुक से भ्रम की उम्र भले ही कम हो; एक वहम ही सही…. उग तो आया है आख़िर

1    7.4K 10

इंतज़ार

Abstract Drama Tragedy

नारी के जीवन का दर्दनाक सार है इस कविता में...

1    1.5K 11