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Mohanjeet Kukreja

'Literary Brigadier' and a 'Voice of StoryMirror', just passionate about writing!

  Literary Brigadier

Susceptibility

Romance

A Microbiologically romantic poem...

1    3.2K 8

विरुद्ध…

Abstract

परिस्थिति के अनुकूल चल पड़ते हैं अक्सर...!

1    3 1

परिवर्तन

Tragedy

पता नहीं क्यों अब मगर, होने लगा है अचानक तन्हाई का सा एहसास !

1    154 27

यादें...

Romance

बड़ा परेशान करती हैं रोज़ कुछ यादें मुझको...

1    278 9

धागा...

Abstract

मान लो तो सब कुछ नहीं तो एक धागा है !

1    290 39

कुछ ख़्वाहिशें हैं…

Abstract

दुश्मनों को ख़ुद ही दे अपना पता रखा है !

1    220 3

सोचना ठीक नहीं...

Others

कभी सोचती हूँ - क्या सोचती हूँ, कभी सोचती हूँ - क्यों सोचती हूँ...

1    294 30

वक़्त और साथ

Abstract

ख़ुशियों और इंसानों की फ़ितरत कुछ एक सी है; वफ़ा कोई निभाता है अगर

1    145 4

क्षितिज

Abstract

जहाँ गगन और धरा प्रेमावश आलिंगनबद्ध हैं !

1    364 8

पी लेते हैं...

Others

कोई अपना बिछड़ जाए, दिल को गर चैन ना आए; ग़म के साथ ही जी लेते हैं...

1    183 6

यह मातम क्यों?

Inspirational

दोस्त मिले तो बहुत मिले, मोहब्बत भी हमें कई बार हुई... गर आज अकेले बैठे हैं, तन्हाई का आख़िर यह मातम...

1    157 3

दामन

Romance

समझना-समझाना पर किस काम... जब कोई दामन ही छुड़ाने लगे !

1    235 16

“दिलासा”

Romance

थोड़ी देर को सही कुछ दूर ही सही; यह कम तो नहीं तुम चली हो साथ!

1    156 21

सपनों की पौध

Others

एक से पानी, खाद या धूप से सब बीज पौधे नहीं बना करते !

1    167 23

चाहत!

Romance

पूरा होना ना लिखा था मोहब्बत की तक़दीर में...

1    147 6

एक राज़ के लिए

Romance

आओ तुम्हें बाँहों में छिपा लूँ, समा जाओ मेरी आग़ोश में - यहाँ तुम बिल्कुल सुरक्षित हो, जब तलक कि म...

1    184 12

मशवरा

Romance

चलो ना ऐसा करते हैं... फिर से साथ चलते हैं !!

1    200 22

पता नहीं...

Others

गले में टांग रखी है पते की एक तख़्ती... बे-ख़बरी इतनी, रहता कहाँ है पता नहीं !

1    218 4

मुलाक़ात

Drama

मोहब्बत-ख़ुलूस का बाज़ार ज़रा बंद है, शिक़ायत तो है बहुत बोलचाल जरा बंद है।

1    140 3

ज़िन्दगी का फ़ल्सफ़ा

Others

फ़ज़ाओं में बहार थी, रंगीनियाँ तो बिखरी थीं हर तरफ़... दिखा नहीं या देखा ही नहीं, यह तो बस तुम जान...

1    421 3

अभाव

कभी तो तुम्हारे बिना ही साथ रहता हूँ मैं तुम्हारे, और कभी तुम्हारे सामने भी तन्हा सा हो जाता हूँ ...

1    186 5

परिवर्तित दृष्टिकोण

कुछ कहने लायक़ मैं हूँ कहाँ? जो मैंने किया तुम्हारे साथ - वह भी तो 'वफ़ा' कहाँ था ?

1    194 3

डर

ऊपर आसमान में सितारों के साथ बैठ कर दुनिया को और नीचे गुज़रती गाड़ियों को देखना

1    288 6

पैसा

इसने हर एक बेटे को दुर्योधन... हर मामा को कंस बना रखा है

1    211 4

उम्र-क़ैद

जीवन बिता डाला पूरा, जिसको हासिल करने में... मंज़िल तो अब दिखती है, राह सुझाई देती नहीं !

1    245 7

बूढ़ी किताब

Abstract

कवि: शिव कुमार बटालवी; पंजाबी से अनुवाद: मोहनजीत

1    278 6

ख़ैरियत

बाज़ आये ऐसी मोहब्बत से... अच्छे थे हम इसके बिना ही !

1    157 2

ख़्वाहिश

काश कभी ऐसा हो जाए... झील बन जाए इक दरिया,

1    338 2

पुनर्जन्म

मेरे साथ ही तो थी तन्हाई, दिल की भी आँखें नम थीं; वजह भी क्या कुछ कम थीं, फिर क्या हुआ – पता नहीं...

1    204 5

हैचरी के चूज़े

Drama

डाo रमेश कुमार; हिंदी अनुवाद: मोहनजीत कुकरेजा

1    270 2

ख़ुद की साल गिरह पर

जिए जाते हैं मगर फिर भी... यह भी क्या कम कमाल है !

1    176 4

कृति

Others

कुछ अस्पष्ट सी रेखाएँ कौंधा करती हैं अक्सर… कड़कती बिजली की तरह, मेरे दिमाग़ के कैनवस पर

1    158 2

नामकरण

जब रिश्तों के बग़ैर ही… सम्बन्ध हुआ करते हैं, तो नाम बिना रिश्ता सही!!

1    187 4

“कैक्टस”

और चूम लेता हूँ उस सदाबहार कैक्टस रूपी दर्द को...

1    126 2

ख़ुद से कहीं दूर

Classics

बेग़ानों को तो ख़ैर फ़ितरतन, ताउम्र बेग़ाना ही रहना था; शिक़ायत अपने साये से है जो अब मेरे साथ नहीं...

1    184 3

कोशिश

Romance Tragedy

दिलो-दिमाग़ से तो आख़िर जुड़ी ही रहेंगीं यादें तुम्हारी...

1    168 4

जीवनसार

Inspirational

किसी भी बढ़े हुए हाथ की उंगली थाम कर, नित नए लक्ष्य की ओर नन्हे-कदम बढ़ाना...

1    126 2

ख़त...

Romance

क्योंकि वो ख़त आज भी मेरे दिल की तहों में महफ़ूज़, राह देख रहा है तुम्हारी, मेरी ही तरह...!

1    346 45

“ख़ुमार…”

दीवानेपन की इंतिहा ना कोई, चलता-फिरता इश्तिहार हूँ मैं !

1    356 39

प्रस्ताव

हाँ, अपने इस ग़म को तुम, बिना किसी हिचकिचाहट, बाँट सकती हो साथ मेरे...

1    324 42

प्रेरणा

Romance Tragedy

यह उखड़ापन तुम्हारा; यह बेरुख़ी मुझसे, एक प्रेरणा है मेरे लिए !

1    272 14

निदान

Drama Tragedy

किस-किस को दवा दें, मरहम लगाएं कहाँ-कहाँ ? डॉक्टर भी परेशान हैं… पूरा माहौल ही बीमार है !

1    341 14

ख़बर

मेरा पता क्या पूछे किसी से, ख़ुद की ना उसको ख़बर है

1    251 5

निराशावादी पहलू

Drama

लोगों की शिक़ायतों से, उनकी तीखी बातों से तंग आकर... घबराकर, क्या छोड़ दूँ लिखना..?

1    268 5

शिकायत

Romance

ताकि कोई ना किसी को… ख़त लिखने का जुर्म करे; और ना किसी को किसी से भूले से भी फिर प्यार हो…!

1    267 41

कश्मकश

Drama

ग़र्दे-राह की तरह... उड़ा करते हैं अक्सर!

1    215 7

वक़्त से..

Drama

हर ग़लत बात पर लोग तेरा ही नाम लेते हैं, क्यों इतने इल्ज़ाम लिए फिरता है अपने सर ?

1    212 8

मृगतृष्णा

Inspirational

रेगिस्तानों में भी कहीं कभी कोई भ्रम... पानी में बदलता है?

1    205 5

“एक अजनबी शहर”

Others

ये चिर-परिचित सड़कें एक प्रश्न-वाचक चिन्ह बन खड़ी होती हैं, और पूछने लगती हैं… क्या पहले भी कभी गु...

1    237 7

माँ

Drama

सौ-सौ सजदा इसको यह माँ है… यह जो माँ है !

1    192 6

तो बात बने

ज़िन्दगी छोटी सही... नायाब तोहफ़ा है; सलीक़े से जी पाओ तो कुछ बात बने !

1    199 8

सिर्फ़ तुम्हारे लिए

क्योंकि किसी की महोब्बत में... मरने को महज़ एक वहम साबित करना ही है उसे…!

1    181 9

नया साल है...

नयी सुबह है एक, उसे सलाम कर! नया साल है, नए काम कर!!

1    709 10

उन दिनों...

Others

दिन में भी ख़्वाब और हवा में उड़ते-फिरना.. फ़जा में हर तरफ एक रंगीनी थी उन दिनों !

1    2.4K 12

दीदार-ए-यार

धड़का था दिल जब ज़ोर से, पहला प्यार ही तो नहीं था? रहता मुझको रात दिन, उसका इंतज़ार ही तो नहीं था!?

1    3.4K 15

जीवन गणित

Drama

जीवन भी तो गणित का कठिन एक सवाल है !!

1    4.4K 9

सुकून

Drama

नया इश्क़ एक नया जुनून है इन दिनों !

1    1.1K 8

पहला प्यार

Fantasy Romance

अपने क़दमों की आहट लगे कभी तुम्हारी सी और अपनी आवाज़ में से तेरी आवाज़ आती है...!

1    1.6K 12

हिम्मत-अफ़्ज़ाई...!

Inspirational

कोशिशें मुसलसल हैं अगर, ख़्वाब अधूरे रहेंगे क्यों ? मंज़िल चल के क़रीब आएगी, तुम अगरचे ठान लो !

1    7.2K 10

फ़ितरत पे सवाल

Others

एतबार अगर दुश्वारियों का बाइस बनता है तो बने.. वो ज़िदगी क्या जीना जिसमें कोई कमाल ना हो !

1    7.2K 13

अभी था...

Drama

तू मिला पर एक छलावे जैसा, अभी था, और अभी नहीं था...!

1    1.3K 14

अनुभूति

Drama Romance

दर्द इतना न दो कि कोई भी दर्द, दर्द ना रहे।

1    7.1K 10

अंदाज़ अपना अपना

Drama Inspirational Tragedy

ज़िन्दगी इतनी बुरी नहीं दोस्त, ढंग से जी कर देखो

1    1.4K 9

कम्पास !

कॉलेज से निकल सोचते थे झंडे गाड़ देंगे... पता न था हरा दूसरी साइड पर ग्रास था!

1    1.4K 14

एक क़ता...

Others Tragedy

जिस्म कुछ इतना नाज़ुक है, बेहाल-निढाल हुआ जाता है लहू से अगरचे शराबोर रहे...कभी रूह दुहाई देती नहीं...

1    7.3K 13

भारत के लाल...... एक सलाम

Action Inspirational

तिरंगे की लाज रखते-रखते प्राण अपने न्योछावर करके भारत के लाल कहलाते हो !

1    6.9K 10

चाहा था जिसको !

लहू का क्या, वो आज तलक रिस्ता है... ज़ख्मों को अपने कभी सिया ही नहीं !

1    14.2K 10

"ख़ुशफ़हमी"

Drama Others

उन कंटीले सत्यों से इस नाज़ुक से भ्रम की उम्र भले ही कम हो; एक वहम ही सही…. उग तो आया है आख़िर

1    7.4K 10

इंतज़ार

Abstract Drama Tragedy

नारी के जीवन का दर्दनाक सार है इस कविता में...

1    1.5K 11