@2jgmho7d

Pushp Lata Sharma
Literary Colonel
AUTHOR OF THE YEAR 2019 - NOMINEE

111
Posts
62
Followers
2
Following

None

Share with friends
Earned badges
See all

Submitted on 13 Sep, 2021 at 05:30 AM

खनखन करती चूड़ियाँ , अलकें बिखरी गाल। कटि पर लटके करधनी , मदमाती सी चाल।। मदमाती सी चाल , मोह मन मेरा लेती। चला नैन से तीर, मुझे बेसुध कर देती ॥ इठलाती जब पुष्प , सुना पायल की छनछन। प्रिय का लूटे चैन, चूड़ियों की ये खनखन।। पुष्प लता शर्मा

Submitted on 13 Sep, 2021 at 05:20 AM

खनखन करती चूड़ियाँ , अलकें बिखरी गाल। कटि पर लटके करधनी , मदमाती सी चाल।। मदमाती सी चाल , मोह मन मेरा लेती। चला नैन से तीर, मुझे बेसुध कर देती ॥ इठलाती जब पुष्प , सुना पायल की छनछन। प्रिय का लूटे चैन, चूड़ियों की ये खनखन।। पुष्प लता शर्मा

Submitted on 08 Sep, 2021 at 16:30 PM

अँगूठा छाप है लेकिन, गजब का ज्ञान रखती है। मुसीबत में भी' अधरों पर, सदा मुस्कान रखती है। कभी टूटें अगर रिश्ते , उन्हें माँ नेह से जोड़े- सजाकर घर मुहब्बत से सभी का ध्यान रखती है। पुष्प लता शर्मा

Submitted on 08 Sep, 2021 at 16:15 PM

अँगूठा छाप है लेकिन, गजब का ज्ञान रखती है। मुसीबत में भी' अधरों पर, सदा मुस्कान रखती है। कभी टूटें अगर रिश्ते , उन्हें माँ नेह से जोड़े- सजाकर घर मुहब्बत से सभी का ध्यान रखती है। पुष्प लता शर्मा

Submitted on 08 Sep, 2021 at 16:11 PM

हँसी मंजर नहीं देखा, यहाँ मैंने महीनों से। मिले लगता जमाना है, हँसी उन नाजनीनों से। तरन्नुम फूट पड़ते थे, कि जिनसे रूबरू होकर- उन्हीं पर्दानशीनों से, जिगर की उन जबीनों से। पुष्प लता शर्मा)

Submitted on 06 Sep, 2021 at 04:30 AM

सूरज की किरणें हुई, अँधियारे में कैद। चमगादड़ उल्लू सभी, पहरे पर मुस्तैद॥ पुष्प लता शर्मा

Submitted on 06 Sep, 2021 at 04:15 AM

सूरज की किरणें हुई, अँधियारे में कैद। चमगादड़ उल्लू सभी, पहरे पर मुस्तैद॥ पुष्प लता शर्मा

Submitted on 04 Sep, 2021 at 17:00 PM

पाना संभव है नहीं बिन गुरु के कुछ ज्ञान । एकलव्य भी शिष्य बन,सीखा सर संधान । पुष्प लता शर्मा

Submitted on 04 Sep, 2021 at 16:49 PM

पाना संभव है नहीं बिन गुरु के कुछ ज्ञान । एकलव्य भी शिष्य बन,सीखा सर संधान । पुष्प लता शर्मा


Feed

Library

Write

Notification
Profile