इंसान क्या है, , , एक भटका हुआ भगवान
Share with friends
कभी तुम्हे पाने की दुआ की थी, अब सब दुआ तुझसे हो गई,, चला इश्क का ऐसा जादू,, तू ही मेरा खुदा हो गई।।
जिन लम्हों को याद कर , अकेले ही मुस्काता हूँ मैं, दिल के एक कोने में, उन्हें भी जगह देना । मेरे लिए कुछ और नही, बस इतना सा ही कर देना।