जब साथ थे तो ख़ामोशियों
को पनपने दिया
दरमियान
अब दूर हैं तो बात करने को तरसते हैं रात दिन यहाँ
और फिर अंत मे वो खुश हैं
ये ख्याल जैसे
सारे दर्द भुला देता है।
और फिर अंत मे वो खुश हैं
ये ख्याल जैसे
सारे दर्द भुला देता है।
जंग जब तक अंत नहीं होती
तब तक ये ज्ञात नहीं होता की
जंग नाप नहीं है जीत या हार का,
जंग में तो बस हार ही हार होती है
किसी पक्ष की कम
किसी की ज़्यादा
इस सोशल मीडिया के दौर मे,
मुझे आज भी
किताबों में गुलाब
रखने वाला इश्क पसंद
है।
मेरे बालों में उतरती चाँदनी पर
माँ की हल्की-सी डाँट लगी,
और उसकी गूँज कुछ ऐसी रही
कि आज चाँद भी बादलों में
चुपचाप छुपा बैठा है
अपनी चाँदनी को
श्रद्धा
सबने कहा कि वो बोलती बहुत कम है
और
यहां मैं खामोशी पढ़ना सीख गया
People leave me saying
that I am not their type
that I am too emotional
that I am too simple
and so on...
but
Don't know how come with so much
this and that
Maa still loves me the
SAME
People leave me saying
that I am not their type
that I am too emotional
that I am too simple
and so on...
but
Don't know how come with so much
this and that
Maa still loves me the
SAME