वैष्णव चेतन "चिंगारी"
Literary Brigadier
AUTHOR OF THE YEAR 2021 - NOMINEE

323
പോസ്റ്റ്സ്
2
ഫോളോവെർസ്
1
ഫോളോവിങ്

यहां न कविता है ना ही गजल है और ना ही यहां गीत है बस............... चंद कतरे है खून के बिखर गए इन पन्नों पर ये न आँसू है ना ही आहें फक्त सिसकियां है राख है मेरे जले दिल की पसर गई है धरती के आँचल पर -------------- ---------------- ..........चेतन.............

കൂട്ടുകാരുമായി പങ്കുവെക്കുക

No Story contents submitted.





ഫീഡ്

ലൈബ്രറി

എഴുതുക

അറിയിപ്പ്
പ്രൊഫൈൽ