Live and make them to live
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सारे दिन बादल से बरस के गायब हो गए सारे ख़वाब नींदों में जा के खो गए अब बस हकीकत है साए सा साथ और तुम आसमान से दूर हो गए
ज़िंदगी अब जिंदगी लगने लगी है जब हम को भूल कर मैं के साथ मस्तोला रहने लगी है किसी की बंदिश को ही मंजिल समझ रहे थे खुद की पैरवी की तो रास्ते बेहतर लगने लगे हैं
हम भी मौसम में फूल ढूंढते कहीं छुप कर हंसते और किसी को याद करते बगैरत ये जिंदगी गर उससे मिलने से पहले पाने और खोने की हकीकत न बताती