SHASHI KAUSHIK
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मुश्किलों से कह दो उलझाना करें हमसे हमें हर हाल में जीने का हुनर आता है

मुश्किलों से कह दो उलझाना करें हमसे हमें हर हाल में जीने का हुनर आता है

उम्मीदें तैरती रहती हैं, कश्तीयां डूब जाती है.. कुछ घर सलामत रहते हैं, आँधियाँ जब भी आती है, बचा ले जो हर तूफां से, उसे “आस” कहते हैं… बड़ा मज़बूत है ये धागा, जिसे “विश्वास” कहते है।


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