यदि कोई पहली बार गलती करें तो दंड नही देना चाहिए क्योकि मनुष्य ही तो है जो स्वयं गलतियों का पुतला है।
मनुष्य को घास के समान कोमल और होना चाहिये। बाढ़ में बड़े से बड़े पेड़ टूट कर गिर जाते हैं लेकिन घास उर्द्धवमुखी रहती है और लहलहाती रहती है।
सपनो का कोई मोल नही होता जब वह सच होते हैं ,अनमोल हो जाते हैं। इसलिए सपने अवश्य देखो यह जीवन का सकारात्मक पक्ष है।
सपनो का कोई मोल नही होता जब वह सच होते हैं ,अनमोल हो जाते हैं। इसलिए सपने अवश्य देखो यह जीवन का सकारात्मक पक्ष है।
कहावत है , कर भला होगा भला । इतने तक तो ठीक था । लेकिन दूसरी कहावत आड़े आ रही है । करे कोई , भरे कोई । किंकर्तव्यविमूढ़ । समाधान बताइए । बिन बताए न सताइए ।