Neeraj Kumar Agarwal
Literary Brigadier
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I am graduate with computer operating system think Social with humanity for country.our writeup truth way and my self with words.

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आग ही शरीर पावन करतीं हैं। जिंदगी की भूख को भोजन देती है

आग ही तो सीने में लगती हैं। आधुनिक हम तुम बस तुमको कोई और छूता है

आग और पानी का रिश्ता है। मानव और आग का साथ है।

आग और पानी का रिश्ता है। मानव और आग का साथ है।

आग शरीर में एक सच है। हम पंचतत्व और हकीकत जानते हैं।

जिंदगी में आप ही तो है। जो हमारे हमसफर खास हैं

बचपन की राह निराली होती हैं। हर पल हर उम्र में याद आती हैं।

यात्रा प्रवास शब्दों के साथ हम है। हां सच आप और हम हैं।

Love is way of life But money and feelings is knife.


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