I'm Sanjay Yadav and I love to read StoryMirror contents.
आज फिर उसके शहर से गुजरा... सहर से लेकर शाम तक गुजरा...
जलाकर खुद को कितना तड़पाओगे.. क्या कभी आपने आप को उसके पास पाओगे