Hobbyist Writer
जिंदगी खर-पतवार ख्वाहिशें चने की झार सोचो तो सब से सरोकार वरना सब है बेकार।। जिंदगी खर-पतवार ख्वाहिशें चने की झार सोचो तो सब से सरोकार वरना सब है बे...
ढूँढूं रूककर मैं कुछ पल मेरा कौन सच्चा यार है। ढूँढूं रूककर मैं कुछ पल मेरा कौन सच्चा यार है।
हुए चौदह साल मुझे बोर्न हुए। हुए चौदह साल मुझे बोर्न हुए।
शायद कभी भले थे बन चलेंगे बेरहम चल चले हैं करने भई जेबें गरम। शायद कभी भले थे बन चलेंगे बेरहम चल चले हैं करने भई जेबें गरम।
मिटा के सब दूरी दिन-रैन चला हूँ। मैं होके बेचैन लेने चैन चला हूँ। मिटा के सब दूरी दिन-रैन चला हूँ। मैं होके बेचैन लेने चैन चला हूँ।
जज्बातों में बहना बे वजह हो गया ! क्या सोचा था और क्या से क्या हो गया। जज्बातों में बहना बे वजह हो गया ! क्या सोचा था और क्या से क्या हो गया।
जियूँ सारे ख्वाब तुझमें ऐसे रहो पास तुम। जियूँ सारे ख्वाब तुझमें ऐसे रहो पास तुम।
सबल हो पर, नहीं गिरे को उठाते देखो, हो कहाँ तुम ! कहाँ हम। सबल हो पर, नहीं गिरे को उठाते देखो, हो कहाँ तुम ! कहाँ हम।