I'm Abhay Nath and I love to read StoryMirror contents.
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निकल पड़ा हूं अनजान सड़कों पर , डर है कहीं खो ना जाऊं। जागती आंखो ने कुछ सपने देखे हैं डर है कहीं सो ना जाऊं।।
कौन कहता है कि हम कुछ खोते नहीं, ग़म तो हमें भी होता है कुछ खोने की। फर्क बस इतना है कि हम रोते नहीं।।