उस मां पर मैं क्या लिखूं
जिस मां ने खुद मुझे लिखा है
"ना जाने क्यों यहां लोग आजकल
हर चीज़ की कीमत चाहते हैं ...
इनायत करके पल भर मुफलिसी पर
जीवन भर उस पर पुर अज़ीयत चाहते हैं.."
पिंकी सिंघल
अध्यापिका
शालीमार बाग
दिल्ली
"ना जाने क्यों यहां लोग आजकल
हर चीज़ की कीमत चाहते हैं ...
इनायत करके पल भर मुफलिसी पर
जीवन भर उस पर पुर अज़ीयत चाहते हैं.."
पिंकी सिंघल
अध्यापिका
शालीमार बाग
दिल्ली