बिहार के एक ग्रामीण क्षेत्र में जन्म हुआ। मेरे पिता सरकारी कर्मचारी थे और प्रतिभा के धनी भी। उनके गुरु साहित्य के बहुत बड़े उपासक और जाने माने क्षेत्रीय साहित्यकार थे। पिता के बिनती स्वरूप मुझे भी गुरू जी के नज़रों से साहित्य को देखने का मौका मिला। हालाकि विज्ञान में भविष्य तलाशते तलाशते... Read more
मित्रांशी सामायिक करा