Story writer, poet, blogger
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खर्च हो गए सारे आँसू, ग़मों के सजदे में, लगा था अब तो हँसते हुए ही कटेगी जिंदगी सारी, पर, ए दोस्त! जिंदगी के इम्तिहान अभी और बाकी हैं।
भाई-बहन, जैसे इक पेड़ के दो फूल। टहनी भले ही अलग दिशाओं में मुड़ जाएं। पर जुड़े एक ही तने से, जड़ें जिनकी मजबूत।