संघर्ष है परवाज है मंजिल की जुस्तजू में हर निमिष प्रयास है....
Share with friends
जो मांगे मिले वो प्रेम कहाँ, जो आंसू न समझें वो अपने कहाँ, सच में अपना जो होता है, बुरे वक़्त में हाथ बढ़ाता है