आज कुछ यादें ताज़ा हो गईं......
शहर का स्पीकर,गाँव की बाजा हो गईं......
- Sarvesh
इस शहर का मिज़ाज बहुत खास है......
यहाँ कोई नही अपना....
बस......! अपनो का एहसास है......
किसी ने पूछा ये सुकूँ क्या है......???
हमनें हँस कर ....
आपका चेहरा दिखा दिया........