Enjoying 2nd phase of life
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बीज!अनजान परिस्थिति से,पाता प्रकृति का दुलार उत्तम खाद पानी ले लेता, उत्तम अंकुरण का भार, बच्चे!कोमल बीज मानिंद,संस्कार की नींव जो पड़ें संभव अंकुरण से वटवृक्ष,मातृ शिक्षा ही इसका आधार ।।