परिचय : पद्मा वर्मा (नीमा ) हिन्दी शिक्षिका ( सेवानिवृत्त ) शिक्षा : स्नातक : हिन्दी साहित्य ( प्रतिष्ठा ) स्नातकोत्तर : हिन्दी साहित्य ( उपन्यास ) कार्य क्षेत्र - पटना , गुवाहाटी , लखनऊ , चेन्नई ... Read more
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' सुख क्या है ' सुख पैसों में नहीं , स्मृद्धि में नहीं, ग़रीबी में नहीं, बल्कि, आत्मसंतुष्टि में है । पद्मा वर्मा
' जिंदगी की सीख ' दुख हो या सुख हो , हमेशा सकारात्मक रहो, ये दोनों जिंदगी के अनुभव हैं, जो हर पल कुछ न कुछ सीख दे जाते हैं। पद्मा वर्मा
' शादी ' शादी में आडम्बर नहीं समाज के हर वर्ग के लिए सुविधा होनी चाहिए, ताकि , बेटियाॅं बोझ नहीं सम्मान के योग्य समझी जाए । पद्मा वर्मा
' सोंच ' अपनी सोच अच्छी होनी चाहिए, सोंच में दूसरों से तुलना नहीं करनी चाहिए, कोई खराब सोंच रखता तो वो उसकी परेशानी है ,अपनी नहीं । पद्मा वर्मा
' जमाना ' अब जमाना मतलबी हो गया है, इसलिए अब जिंदगी जिंदादिली से जीना है तो थोड़ा मतलबी तो बनना होगा । पद्मा वर्मा
' आज छुट्टी है ' आज छुट्टी का दिन है, मन मर्ज़ी का दिन है , पर इन्सान को पता है कि इन्सान जिंदगी से छुट्टी नहीं ले सकता, वो तो ईश्वर के द्वारा निर्धारित रहती है।
' आज छुट्टी है ' आज छुट्टी का दिन है, मन मर्ज़ी का दिन है , पर इन्सान को पता है कि इन्सान जिंदगी से छुट्टी नहीं ले सकता, वो तो ईश्वर के द्वारा निर्धारित रहती है।
' सब ठीक है ' परिस्थितियां कैसी भी हों , लोग कहतें है, सब ठीक है, ठीक हो जाएगा, पर सब कुछ मन चाहा नहीं होता । पद्मा वर्मा