Anuradha Negi
Literary Brigadier
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chahat to hai lafjon ek bhi na chhute . kaid kar lun har yaad kisi amar panne mein par khayal aata hai jis jisko likhungi wah panna khole or fir uska dil na tute. Nature and music lover, Writer of both (poems & stories). sad diary of some unwritten words..

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समझौते लाखों किए मैंने खुद से और मेरी ज़िन्दगी से, पर जिसके लिए किए वो वैसे के वैसे ही रहे .. न वो समझे न अपनी आदत से बदले।

जब भी मुझे अपनों से तकलीफ मिली दर्द मिला''' सारी दुनिया की तरह मैंने भी एक उसी का नाम लिया ।।। ...शिवम...

जब भी मुझे अपनों से तकलीफ मिली दर्द मिला''' सारी दुनिया की तरह मैंने भी एक उसी का नाम लिया ।।। ...शिवम...

योग्य तो बहुत कुछ पाने के थे.... पर तूने तो कामयाब होने का इंतजार भी नहीं किया उफ़ किस्मत लिखकर कलम भी तोड़ दी......... अनुराधा नेगी।

तस्वीरें इतनी खूबसूरत नहीं होती अगर, अगर कैद करने वाला ये नहीं कहता .. ... सामने देखकर थोड़ा मुस्कुरा दीजिये। अनुराधा नेगी।

रहता मन क्यों उदास है, पता चला नहीं ये राज है। ना इस उदासी का कोई मतलब, और न कोई इलाज है। अनुराधा नेगी।

लोग इंतजार करते हैं रात का कि वो चैन की नींद सो सकें और हम फिराक में हैं अंधेरे के ताकि दिल खोलकर रो सकें🥲🥲🥲🥲 अनुराधा नेगी।

क्या फायदा ऐसी जान पहचान का, जो आपकी कामयाबी देख अनजान बन जाए। अनुराधा नेगी।

जिंदगी भर जिसके लिए सफर में रहे, आखिरी सांस तक भी वो हमसफर ना मिला।


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