I'm khwahish and I love to read StoryMirror contents.
Share with friendsज़हन में रखी बातों का हकीकत से जब सामना होता है टूट कर बिखर जाना और बिखर कर संवर जाना लाज़मी सा होता है।
ज़हन में रखी बातों का हकीकत से जब सामना होता है टूट कर बिखर जाना और बिखर कर संवर जाना लाज़मी सा होता है।