khwahish sharma
Literary Captain
6
Posts
0
Followers
0
Following

I'm khwahish and I love to read StoryMirror contents.

Share with friends
Earned badges
See all

ज़हन में रखी बातों का हकीकत से जब सामना होता है टूट कर बिखर जाना और बिखर कर संवर जाना लाज़मी सा होता है।

ज़हन में रखी बातों का हकीकत से जब सामना होता है टूट कर बिखर जाना और बिखर कर संवर जाना लाज़मी सा होता है।

चांद बोलते थे हम उन्हें अपना और वो चांद बड़ा बैरी निकला हमने उन्हें थामा था सितारों कि भीड़ में तन्हा मानकर लेकिन वो तो कमबख्त कई रातों का सहरी निकला।


Feed

Library

Write

Notification
Profile