ख्वाहिश है डूब जाने की तेरे प्यार के समंदर में
आजमाइश ही नहीं की मेरे दिल ने तैरने को
अंधेरे में तो सब याद कर लेते हैं
जो उजाले में भी याद आए वहीं मोहब्बत है
मुस्कुराहट बता देती है चेहरे की मेरी
आप का नूर जो आ जाता है चेहरे पर
कहती हैं बहुत कुछ तेरी नजरें
बस उन्हें पढ़ने का कायदा आना चाहिए
रुला देंगी मेरी खामोशी एक दिन
मुझे पता है परेशान करती हैं मेरी बातें तुझे