Writer , blogger, poet , teacher and home maker...
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ये तेरे इश्क का खुमार मेरे चेहरे पर झलकता है, तेरा इश्क बोलता नहीं पर मेरा चेहरा शर्म से लाल करता है
वो मेरे हर मर्ज की दवा है। वो तो सबसे बड़ी दुआ है। वो निराश रात की सुबह है। हाँ!मेरी माँ ही मेरा खुदा है। रितु अग्रवाल