A writer, A teacher, A lawyer, A reader
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आँखें हैरान हैं,दरिया की लहरें भी परेशानी में हैं.. चाँद तो पास बैठा है,फिर ये अक्स किसका पानी में है.. अर्चना अनुप्रिया
बहुत नेकदिल होना भी ठीक नहीं है दोस्तों... बहुत पत्थर खाते हैं वो पेड़,जो मीठे फल देते हैं... अर्चना अनुप्रिया