Vishant Kumar
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आज इंसान घरो मे बंद है, उसका जिम्मेदार वो खुद है ! ये परिणाम है प्रकृति के साथ अन्याय का...

आज इंसान घरो मे बंद है, उसका जिम्मेदार वो खुद है ! ये परिणाम है प्रकृति के साथ अन्याय का...

जिंदगी भी इम्तहान होती है!

सहूलियत मिलती रहेगी, तू वस लक्ष्य पर नजरें रखना I अगर तू लक्ष्य पा लिया, तो सहूलियत तुझे पा लेंगी II - Vishant Kumar


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