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“माता-पिता हमें शहजादे की तरह पालते हैं… अतः हमारा फर्ज है कि… बुढ़ापे में हम भी उन्हें बादशाहो की तरह रखें "
"ज़िन्दगी में इतनी शिद्दत के साथ अपने किरदार को निभाओ ! कि पर्दा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहें !!"