खुश रहने का ताबीज बनवाया है,
उस फ़कीर ने , भरोसे से परहेज बताया है .....!
लोग कहते हैं ,
पागल का कोई भरोसा नहीं ,
कोई ये नहीं सोचता की भरोसे ने ही उसे
पागल कर दिया
ये सवाल बड़ा अजीब है, ज़िंदगी तुझे समझू या जियूं।
शौक से निकालिए
हम में कमियां हुजूर
आप नहीं होंगे तो
हमे तराशेगा कोन,,,
ना जाने क्या रिश्ता था उस पंछी का डाली से जो पंछी के उड़ जाने के बाद भी कांपती रह गई
यूं बात चल रही थी कि सरिफ औरत घर में ही रहती हैं
तो मने भी कह दिया कि
सरीफ औरत सरीफ ही रहती हैं चाहे फिर वो कहीं भी
रहे