मैं रेखा बोरा, लखनऊ, एन्थ्रोपोलोजी में एम ए, एल एल बी , पी जी डी सी, लेखिका, कवयित्री, समाज सेविका, रक्त दाता, कई साहित्यिक-सांस्कृतिक मंचों से जुड़ी हुई हूँ । पूर्व में विश्व स्वास्थय संगठन में एन्थ्रोपोलोजिस्ट रही वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय के जनसंख्या शोध केन्द्र में रिसर्च ऑफिसर की... Read more
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क्यों बनूँ मैं पृथ्वी सी धूमती रहूँ एक ही धुरी पर सहती रहूँ सदियों तक बोझ सबका और अंत में बन जाऊँ ज्वालामुखी