Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
बिजली का बिल
बिजली का बिल
★★★★★

© Atul Agarwal

Drama

2 Minutes   7.1K    23


Content Ranking

अप्रैल माह के अंत में चौथे शनिवार और रविवार की छुट्टियों में हमारे मोहल्ले में रहने वाली एक युवती अपने मैयके गई। कुशल शेम और इधर उधर की कुछ बातो के बाद उन्होंने अपनी माँ को अपनी समस्या बताई कि उनके पतिदेव बिजली के अधिक बिल के लिए टोकते हैं, जबकि खुद ही ऑफिस से आने के बाद निर्बाध रूप से कम से कम १४ घंटे एसी चलाते हैं।

माँ तो माँ होती हैं। पुराना अनुभव, पूर्ण धुरंधर। ज्ञान देने में कोई सानी नहीं। उन्होंने तुरंत युक्ति सुझाई।

फिर क्या था ? युवती खुश ! मई माह में बच्चों के स्कूल की छुट्टियां शुरू हुई। युवती माँ की बताई हुई युक्ति अनुसार रोज दोपहर १२ बजे बच्चों के लेकर, मोहल्ले की अन्य पड़ोसन के यहाँ चली जाएँ। वहां लगभग ५ बजे तक समय गुजारा। दोपहर का खाना भी खाया। सोमवार से शनिवार तक रोज पड़ोसन बदलती रही। जून माह के अंत तक यही क्रम चलता रहा। इस तरह से ४ – ५ घंटे का एसी चलना कम हो गयाहींग लगी न फिटकरी, रंग भी चोखा आया या यू कहिये की एक पंथ दो काज बिजली का बिल भी कम, खाना बनाने का काम भी कम, खाने का बिल भी कम, बच्चे भी खुश और युवती के पतिदेव भी खुश। लेकिन, हम भाग्यशाली हैं ! आप समझ गए होंगे, कि क्यूँ ? दोपहर में हमारा ताला बंद रहता है !

Family Problems Electricity bill

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..