अश्लील

अश्लील

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पूरी बत्तीस महिलाएं विधायक के कार्यालय के सामने जाकर बैठ गई थीं। विधायक बने इनको ढाई साल हो गए थे पर बस्ती को जो शराब दुकान रहित बनाने का वादा उन्होंने किया था वो पूरा नहीं हुआ था। कुछ दूरी पर वो एक होटल था उसकी रात की गतिविधियों से तो सभी वाकिफ थे। रात में वहाँ महफ़िलें सजती हैं, नाच गाना होता है। सुनने में यह आया था कि होटल मालिक विधायक का दोस्त है। इसलिए ना तो वो होटल पर कार्रवाई हो रही है ना ही उसके अहाते में बनी शराब दुकान बंद हो रही है।

दोपहर हो चली थी। ना तो विधायक का अता पता था ना ही कोई और उनसे बात करने के लिए आया था। उन लोगों के लिए यह कौन सी नई बात थी। यह सब तो चलता ही रहता है। कज्जल बाई ने मंजु बाई को बोला कि कोई फाइदा नहीं है यहाँ। चलो वापिस। कज्जल बाई ने अपने छोरे को रात में कई बार होटल के पास देखा था। तैयार होकर रात में ऑटो से आ कर अंदर जाने वाली औरतों का वो इंतज़ार करता रहता था। कज्जल बाई को यह बात अखर रही थी बहुत। अभी तो छोरा बारह साल का ही था। कब तक वो उसको डांट डपट के रोक पाएगी। शारदा बाई का पति आजकल बहुत ही पीने लग गया है। यह दुकान बंद होगी तो वो कहीं और से शराब ले आयेगा पर कुछ तो अंतर पड़ेगा यह बंद होने से कुछ तो अंतर आयेगा। बस्ती की लड़कियों का भी जीना आसान होगा थोड़ा सा।

पर यहाँ तो कोई हलचल ही नहीं थी। उन सबसे सोचा की विधायक के घर चलते हैं। उसके लिए उन सबको बाज़ार से होकर जाना पड़ा। थोड़ा माहौल बदलने लगा। अब विधायक के घर के सामने यह सब महिलाएं भी बैठी थीं। कुछ लोग भी दूर खड़े इनको देख रहे थे। कुछ फोटो भी ली गई थीं। कुछ विडियो शूटिंग भी हुई थी। पर ना तो विधायक ना ही उनका कोई आदमी मिलने आया था। दोपहर के तीन बज गए थे। अपनी अपनी पोटलियों में जो था वो उन्होंने खा लिया। जैसे तैसे करके पानी भी पी लिया। पर वहाँ तो किसी के कानों पर जूं भी ना रेंगी।

काली बाई बहुत देर से रोके बैठी थी। उसने कज्जन बाई को बोला – “जाना है”। कज्जन बाई ने पूछा- “एक नंबर या दो नंबर ? वो बोली - “एक नंबर।” कज्जन बोली – “चल। पहले मैं करूंगी फिर तू करना।” काली बाई ने इस अजीब सी बात पर हाँ में गर्दन हिला दी। कज्जन ने उसका हाथ पकड़ा और विधायक के घर की तरफ चल दी। एकदम से हलचल मच गई। किसी महिला को समझ ही नहीं आया एकदम की यह दोनों कहाँ चल दीं और क्या करने चल दीं ? काली बोली – “कहाँ लिए जा रही हो ?” कज्जन बोली – “पहले मैं करूंगी फिर तू करना।”

महिलाएं बैठी उनको ही देख रही थीं। दूर खड़े लोग भी उनको ही देख रहे थे। विधायक निवास के बाहर के कर्मचारी भी उनको ही देख रहे थे। ठीक दरवाजे के सामने कज्जन ने साड़ी थोड़ी ऊपर की और बैठ गई। धार बह चली थी। काली को लगा कि भाग जाए। विधायक निवास के द्वार पर खड़ा एक कर्मचारी अंदर भाग गया। कज्जन बाई उठी और काली को बोली – “कर ले।” काली को तो चक्कर ही आने लगे। कज्जन ने उसका कंधा पकड़ के उसको बैठा दिया। काली भी हल्की हो गई।

विधायक के घर में तो जैसे आग लग गई थी। घर के सारे लोग खिड़की से बाहर ही देखने लग गए थे। कज्जन और काली वापिस आ के बैठ गई थीं। अब निनोरी बाई और रज्जो बाई विधायक निवास की तरफ चलीं। द्वार पर खड़े सुरक्षा कर्मचारी हैरान होकर उनको देख रहे थे। उन महिलाओं को रोकने की ताक़त किसी में भी नहीं थी। दो और महिलाएं झुंड में से विधायक निवास की तरफ ही आ रही थीं।

विधायक का खास आदमी जिसे सब महिलाएं पहचानती थीं, दौड़ के उनके पास आया – “विधायक जी बाहर गए हुए हैं। उन्होंने बोला है कि तुम लोगों का काम हो जाएगा। और बेइज्जती ना कराओ। कितनी अश्लीलता फैलाओगी। काम हो जाएगा तुम्हारा। वापिस जाओ।“

“यह बात हम बहू रानी के मुंह से सुनना चाहे हैं। वो झोली फैला के आई थीं हमसे वोट मांगने। बुलाओ उनको” – कज्जन की आवाज़ तो क्या थी एकदम तीर थी। बिना ना नुकर किए वो आदमी वापिस बंगले में गया और विधायक की पत्नी तेज़ी तेज़ी महिलाओं की तरफ आती दिखी।

“हाथ जोड़ रहे हम तुम सबके। विधायक जी तुम सबका काम करवा देंगे। वापिस जाओ। और गंदगी ना फैलाओ“- विधायक की पत्नी बोली। “एक हफ्ते में होटल और शराब दुकान बंद नहीं हुईं ना बहूरानी, तो यह गंदगी तुम्हारे आँगन में करेंगे। बता दिया हमने”- कज्जन के साथ सभी महिलाओं की भी हाँ में आवाज़ आई।

वो महिलाएं मुस्कुराते हुए घर को लौट रही थीं।


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