Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
रावण की शर्म
रावण की शर्म
★★★★★

© Sunil Verma

Abstract

1 Minutes   13.8K    14


Content Ranking

 

दशहरे से ठीक पहले की वो रात, बदहवास भागती एक लडकी मैदान में खडे रावण के विशालकाय पुतले के  पीछे जाकर छुप गयी.

इधर उधर ढूँढते हुए उन लडकों में से एक की नजर पीछे अंधेरे मे दुबकी लडकी पर पडी और वो उसे घसीटते हुए बाहर ले आया.
तेज चलती हवाओं की सांय सांय के साथ अब लडकी की चीखें भी उस खाली मैदान मे गूँजने लगी.

सुबह सबने देखा पुतले का सिर अपने नियत स्थान से कुछ नीचे झुका हुआ था, सबने रात को आयी आँधी को खूब कोसा मगर ये बात सिर्फ पुतला जानता था कि सिर झुकने की वजह आँधी नही बल्कि वो शर्म है जो उसे रात को इंसानों को देखकर आयी थी

शर्म इंसान

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..