Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
एक बार तेरे ख्यालों की दुनिया में डूबकी लगा लूँ
एक बार तेरे ख्यालों की दुनिया में डूबकी लगा लूँ
★★★★★

© Nikhil Sharma

Abstract

1 Minutes   13.8K    11


Content Ranking

हर लहर पे जो दिल पे थी उठी 
तेरे नाम से ही उसकी उम्र थी बढ़ी 
मैं खामोश ख्यालों में खोता गया 
तेरी यादों का सुरूर जवां होता गया 
दिल फिर बोला यादों की बारिश में नहा लूँ 
एक बार तेरे ख्यालों की दुनिया में डूबकी लगा लूँ

पहले आया चेहरा वो हँसता हुआ तेरा 
गालों में जो गड्ढ़े थे, दिल उनमें गिर गया मेरा 
सोचा की आँखों से नाप लूँ गहराई उनकी 
पर तेरी नज़रों को पता न चले, हसरत दिल की 
जो झाँका तेरी निगाहों में, सोचा इस नशे को आज मैं भी जी लूँ 
एक बार तेरे ख्यालों की दुनिया में डूबकी लगा लूँ

फिर आया नज़र, चेहरा जो रूठा है मुझसे 
सोचा कैसे मिलूं, कैसे करूं, अब बातें तुझसे 
हंसने के सारे कारण, बेईमानी से लगे 
जो तुझे हंसा न सके, वो लफ्ज़ भी अब नाकाफी ही लगे 
सोचा कि ख्यालों में ही तुझको हंसा दूँ 
एक बार तेरे ख्यालों की दुनिया में डूबकी लगा लूँ

#हर लहर पे जो दिल पे थी उठी तेरे नाम से ही उसकी उम्र थी बढ़ी

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..