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गुमशुदा भाग 13
गुमशुदा भाग 13
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© Mahesh Dube

Thriller

2 Minutes   6.7K    14


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भाग 13

दो दिन बाद अस्पताल में गोविंद की हालत कुछ संभली तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिर उसने सरकारी गवाह बनकर कई आतंकी अड्डे पकड़वाए। वह लालच में आकर आतंकियों का साथी बन गया था। पाकिस्तान से आने वाला धन और हथियार उसके माध्यम से ही आतंकियों तक पहुंचते थे। उसने देशमुख को बताया कि इस बार मैंने यह काम करने से मना कर दिया तो सलाहुद्दीन ने उसके लड़के सियान को अपहृत कर लिया।

देशमुख ने पूछा, जब तुम इस काम को करके खूब धन कमा रहे थे तो अचानक मना क्यों किया?

गोविंद बोला, पहले मुझे केवल सोने और जवाहरात की तस्करी का काम दिया गया था लेकिन बाद में मुझपर ड्रग्स और हथियार भी पहुंचाने का दबाव बनाया जाने लगा तो मैंने अलग होने की इच्छा जाहिर की। लेकिन इस दलदल में फंसने के बाद निकलना असम्भव है।

-क्या सियान का अपहरण तुम्हारी मौजूदगी में हुआ?

-हां! उस दिन टैक्सी में आगे मैं भी बैठा था तो सियान बेहिचक उसमें आ बैठा था, पर बाद में सलाहुद्दीन ने मुझको उतार कर भगा दिया और सियान को अपने साथ ले गया। उसने शर्त रखी थी कि हथियार पहुंचा देने पर सियान को छोड़ देगा।

-तुमने पुलिस को पूरी बात क्यों नहीं बताई?

-मैं फंस जाता साहब! मुझे लगा कि अगर पुलिस सलाहुद्दीन को पकड़ लेगी तो सियान मुझे मिल जाएगा और मैं अपराध के दलदल में और अधिक फंसने से भी बच जाऊंगा। इसीलिए मैं आपके पास गुमशुदगी की रिपोर्ट लेकर चला आया था।

-जिस टैक्सी में तुम लोग घूम रहे थे वो किसकी थी?

-वो मैंने ही खरीदी थी, तस्करी का माल इधर उधर करने में उससे आसानी होती थी। सलाहुद्दीन की राय पर उसपर मैंने अपना नाम नहीं चढ़वाया था। उसपर पुराने मालिक रामनिरंजन सिंह का ही नाम था।

-तभी उसके डूबने की खबर पढ़ सुनकर भी तुम नहीं आये

-जब टैक्सी ड्राइवर सजीवन का गला काट कर सलाहुद्दीन ने टैक्सी वर्सोवा की खाड़ी में डुबोने की कोशिश की थी तो मैंने सोचा कि आपके पास आकर सब बात बता दूं लेकिन मेरा इकलौता बेटा उनके कब्जे में था इसलिये मुझे मजबूरन उनकी बात माननी पड़ी।

अब तुम सरकारी गवाह बन गए हो तो तुम्हे माफ कर दिया जाएगा। मैँ उम्मीद करता हूँ कि अब तुम कभी लालच में नहीं फँसोगे और नेक शहरी बन कर रहोगे, देशमुख बोला।

मैं अपने बेटे सियान की कसम खाता हूं साहब। इतना बोलकर गोविंद रोने लगा। देशमुख उसका कंधा थपथपा कर लौट आया। बाहर मगन राठौर मिठाई लिए उसकी प्रतीक्षा कर रहा था।

 

समाप्त।

रहस्य रोमांच

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