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गांधी और इतिहास
गांधी और इतिहास
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© Harendra Singh Kushwah Aihsas

Inspirational

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रामसिंह कहाँ जा रहे हो, कहीं नही आज तो छुट्टी का दिन है भाई श्यामसुन्दर | क्यों ? अरे आज गांधी जयंती है | हाँ यार आज तो पिता जी का जन्म हुआ था पर यार रामसिंह तुमको पता है आज ही के दिन शास्त्री जी भी जन्मे थे, हाँ श्यामसुन्दर वो भी पता है. तो फ़िर शास्त्री के नाम पर छुट्टी क्यों नही ? यार गांधी महान थे उन्होने अकेले लाठी के सहारे चरखा चलाकर आजादी दिलाई. यार रामसिंह अब पता चला मेरा देश क्यों पिछड़ रहा है, क्यों ? क्योकि तुम जैसे शिक्षक भी यह मानते है कि आजादी सिर्फ लाठी के सहारे और चरखा चलाकर मिली है, यार एक गज जमीन भी पाने के लिए हत्यायें हो जाती हैं तुम देश आजाद कराने की बात करते हो, वो आहिन्सा के मार्ग से दोस्त मै बताता हूँ महात्मा की महानतायें गाँधीजी. महानता 1. . . शहीद-ए-आजम भगतसिंह को फांसी दिए जाने पर अहिंसा के महान पुजारी गांधी जी ने कहा था. . .‘हमें ब्रिटेन के विनाश के बदले अपनी आजादी नहीं चाहिए।’’ और आगे कहा. . ‘‘भगतसिंह की पूजा से देश को बहुत हानि हुई और हो रही है वहीं (फांसी) इसका परिणाम गुंडागर्दी का पतन है। ऐसे बदमाशो को फांसी शीघ्र दे दी जाए ताकि 30 मार्च से करांची में होने वाले कांग्रेस अधिवेशन में कोई बाधा न आवे" । अर्थात् गांधी की परिभाषा में किसी को फांसी देना हिंसा नहीं थी । रामसिंह महान क्रांतिकारियों को गुंडा गांधी जी ने ही कहा था. महानता 2 . . इसी प्रकार एक ओर महानक्रांतिकारी जतिनदास को जब आगरा में अंग्रेजों ने शहीद किया तो गांधी आगरा में ही थे और जब गांधी को उनके पार्थिक शरीर पर माला चढ़ाने को कहा गया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया अर्थात् उस नौजवान द्वारा खुद को देश के लिए कुर्बान करने पर भी गांधी के दिल में किसी प्रकार की दया और सहानुभूति नहीं उपजी, ऐसे थे हमारे अहिंसावादी गांधी। महानता 3 . .. जब सन् 1937 में कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नेताजी सुभाष और गांधी द्वारा मनोनीत सीतारमैया के मध्य मुकाबला हुआ तो गांधी ने कहा. . . यदि रमैया चुनाव हार गया तो वे राजनीति छोड़ देंगे लेकिन उन्होंने अपने मरने तक राजनीति नहीं छोड़ी जबकि रमैया चुनाव हार गए थे। महानता 4 . . इसी प्रकार गांधी जी ने कहा था. . . .“पाकिस्तान उनकी लाश पर बनेगा” लेकिन पाकिस्तान उनके समर्थन से ही बना । ऐसे थे हमारे सत्यवादी गांधी । महानता 5 . .. इससे भी बढ़कर गांधी और कांग्रेस ने दूसरे विश्वयुद्ध में अंग्रेजों का समर्थन किया तो फिर क्या लड़ाई में हिंसा थी या लड्डू बंट रहे थे ? महानता 6 . . .गांधी ने अपने जीवन में तीन आन्दोलन (सत्याग्रह) चलाए और तीनों को ही बीच में वापिस ले लिया गया फिर भी लोग कहते हैं कि आजादी गांधी ने दिलवाई। महानता 7 . .. इससे भी बढ़कर जब देश के महान सपूत उधमसिंह ने इंग्लैण्ड में माईकल डायर को मारा तो गांधी ने उन्हें पागल कहा इसलिए नीरद चौधरी ने गांधी को दुनियां का सबसे बड़ा सफल पाखण्डी लिखा है। महानता 8 . . . . इस आजादी के बारे में इतिहासकार CR मजूमदार लिखते हैं “भारत की आजादी का सेहरा गांधी के सिर बांधना सच्चाई से मजाक होगा। यह कहना कि सत्याग्रह व चरखे से आजादी दिलाई बहुत बड़ी मूर्खता होगी। इसलिए गांधी को आजादी का ‘हीरो’ कहना उन क्रान्तिकारियों का अपमान है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना खून बहाया। ”यदि चरखों की आजादी की रक्षा सम्भव होती है तो बार्डर पर टैंकों की जगह चरखे क्यों नहीं रखवा दिए जाते. . . राजनीति ने सत्य को तब भी दबाया था अब भी दबा रही है, राजनीति की गद्दी पर तब भी गलत लोग थे और लाल बहादुर शास्त्री के अलावा अब तक गलत लोग आये है. तो यार श्यामसुन्दर देश तो उनको ही पूजता है और तुम विरोध कर रहे हो, दोस्त रामसिंह मै विरोधी नही हूँ किसी का बस सत्य कहता हूँ और सत्य कहने से नही कतराता, रही बात पूजने की तो देश का यही चलन है कोई करता है कोई श्रेय लेता है , आजादी किसी एक ने नही दिलाई जान देने वाले वाले गुमनाम और राजनीति करने वाले देश के पिता और चाचा बन गये... चलो हम चलते है रामसिंह ज्यादा रुका तो आप गालियाँ देने लगोगे मुझे.

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