समझ

समझ

2 mins 267 2 mins 267

आज रीता बहुत खुश थी, ऑफ़िस में आज इतनी प्रशंसा हुई थी। और प्रमोशन में एक महीने के लिये दुबई भी भेजा जा रहा है। अमित भी आज बहुत खुश होगा आज, एक साल पहले वह तीन महीने के लिये साउथ अफ्रीका गया था तब मैं कितनी खुश थी उसकी तरक्की पर, भले ही अकेले रहने पर डर लग रहा था पर मैंने जाहिर नही होने दिया था उसे। और आज तो वह भी बहुत खुश होगा एक महीने की बात रहेगी और पमेंट भी ज्यादा हो जाएगी।

      

एक काम करती हूं रोमांटिक डिनर प्लान करती हूं। और फिर उसे बताऊंगी। शाम को अमित आता है रीता उसे कहती है आज हम बाहर डिनर करेंगे तो अमित रोमांटिक हो जाता। कहता "डिअर क्या इरादा है।" तो रीता कहती है "आपको सरप्राइज देना है।"

दोनो तैयार होकर होटल जाते है। डिनर के बीच मे रीता बताती है की उसे दुबई भेजा जा रहा है तो एक दम से अमित का मूड चेंज हो जाता है और वह कहता है। "अरे ये क्या मजाक है।" 

तो रीता कहती है "यह सच है अमित।"

"अरे नहीं तुम मना कर दो।" 

 रीता कहती है "क्यो "

"अरे मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूँगा" रोहित ने बनते हुये कहा। 

 "यह क्या कह रहे ही अमित। तुम भी तो गये थे तब मैं भी अकेली थी " रीता ने रुआंसे होकर कहा। 

अरे मेरी बात अलग थी तुम लड़की हो। मना कर दो। और घरवाले क्या कहेंगे।

"मेरी सैलेरी भी बढ़ जाएगी।" 

"अरे रहने दो हमे कौन सी कमी है। सब बढ़िया चल रहा है। कोई जरूरत नहीं है तुम कल मना कर देना।"

और नीता ठगी सी देखती रह जाती है।

उसे लग रहा था वह अमित के हाथों की कठपुतली बनकर रह गयी है।



Rate this content
Originality
Flow
Language
Cover Design