Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
समय के अनुसार
समय के अनुसार
★★★★★

© Ashish Kumar Trivedi

Drama

1 Minutes   14.0K    25


Content Ranking

गुप्ता जी अपने मित्र के प्रश्न की प्रतीक्षा कर रहे थे। वह जानते थे कि एक अर्से के बाद मिले उनके प्रिय मित्र उनके जीवन के नए बदलाव के विषय में जानने को उत्सुक थे। इसी कारण उन्होंने भोजन के बाद टहलने जाने का प्रस्ताव रखा था। गुप्ता जी की प्रतीक्षा जल्दी ही समाप्त हो गई।

“आपने विवाह कब किया ?” उनके मित्र ने पूछा।

“छह महीने हो गए।”

“क्या यह आवश्यक था। मेरा मतलब है इस उम्र में…”

“आवश्यक ना होता तो ना करता। रही उम्र की बात तो इस आयु में ही किसी के साथ की सबसे अधिक ज़रूरत होती है।”

“हाँ लेकिन हमारे समाज में यह बात इतनी सहज नहीं है।”

गुप्ता जी कुछ सोच कर बोले।

“समाज की मान्यताएं समय और आवश्यकता के हिसाब से बदलती हैं। आज जिस प्रकार समाज बदला है पारिवारिक ढांचा भी बदल गया है। ऐसे में कब तक मैं अपने एकाकीपन की शिकायत अपने बच्चों से करता।”

उनका उत्तर सुन कर उनके मित्र सोच में पड़ गए। वह भी एकाकीपन का शिकार थे।

Old age Life Remarriage

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..