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प्यार
प्यार
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© Anandita Raiyani

Romance Tragedy

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उसने सोचा था कि अब जो मुमकिन ही नहीं है उसे आखिर क्यों और कब तक सच माने ?

आज उसने बता ही दिया था कि अब तुम से शायद कभी मुलाकात न होगी। दोनों अपने दोस्त के साथ आए थे। धुआं धुआं सा लग रहा था शहर...

शायद कहीं बेशुमार चाहत जो जल रही थी...विदा होने से पहले उसे जी भर के देखने का लालच वो रोक न सकी...वो अकेली तो नहीं थी इस जुर्म में ....कोई उसका बराबर का हिस्सेदार भी था।

आसपास की दीवारें उन्हें देखने का लालच न रोक सकी। जमाने की मशरूफियतों में इश्क की तन्हाइयाँ मुकम्मल हो रही थी। उसकी नजरें बेबाक होकर बता रही थीं, अगर दूसरी बार इश्क हुआ तो वो तुम से ही होगा....

मुलाकात चाहत इश्क

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