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इंटरव्यू
इंटरव्यू
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© Unknown Writer

Comedy

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एक दिन एक पत्रकार को उसके अखबार के सम्पादक ने ये कहकर भेजा कि आज किसी इस टाइप के व्यक्ति का इंटरव्यू लेकर आए, जिसका इंटरव्यू कभी किसी अखबार में नहीं छापा गया हो। पत्रकार काफी हैरान-परेशान सा संपादक की बताई कैटिगिरी के व्यक्ति की तलाश में निकल गया।

करीब डेढ़-दो घंटे तक भटकने के बाद उसकी नजर एक व्यक्ति पर पड़ी जो एक घास के मैदान में बकरी चरा रहा था, तो उसके चेहरे पर छाई चिंता पल भर में ग़ायब हो गई। वह पेन-कागज़ निकालकर उस व्यक्ति के पास पहुँचा और बोला-"भाई, तुम्हारा इंटरव्यू लेना है।"

"पर साहब, मैं आपको इंटरव्यू नहीं दूँगा क्योंकि मेरे पास एक मनपसंद रोज़गार हैं और मैं इस रोज़गार को छोड़कर कोई भी नौकरी नहीं करना चाहता हूँ।" बकरी चराने वाले व्यक्ति ने जवाब में कहा।

"अरे भाई, मैं तुम्हें नौकरी देने के लिए इंटरव्यू नहीं लेना चाहता हूँ। मैं तो अपने अखबार में छापने के लिए तुम्हारा इंटरव्यू लेना चाहता हूँ।"

"तब तो मैं आपको इंटरव्यू ज़रूर दूँगा। ये बताइए कि मेरी फोटो भी छपेगी न ?"

"हाँ, तुम्हारी भी छपेगी और तुम्हारी बकरियों की भी छपेगी।"

"साहब, आप सिर्फ मेरी और मेरे दो बकरों की फोटो छापिए। इससे मेरे बकरों की कीमत बढ़ जाएगी। बकरियों की फोटो मत छापिए क्योंकि उन्हें न कोई खरीदेगा और न मुझे उन्हें बेचना है।"

"ऐसा है तो मैं इंटरव्यू में सवाल भी तुम्हारे और तुम्हारे दोनों बकरों के बारे में ही पूछूँगा। अच्छा अब मैं इंटरव्यू शुरू कर रहा हूँ। तुम सबसे पहले अपना और अपने गाँव का नाम बताओ।"

"साहब, मेरा नाम रामलाल हैं और मैं पास के गाँव रतन गढ़ का रहने वाला हूँ।"

"रामलाल, तुम ये बकरियाँ चराने का धंधा कब से कर रहे हो ?"

"खानदानी धंधा हैं साहब, होश सम्भालते ही शुरू कर दिया था। साहब, अब मेरे उस पीपल के पेड़ के नीचे चर रहे दोनों बकरों के बारे में पूछिए।"

"ठीक है। ये बताओ कि तुम अपने बकरों की देखभाल कैसे करते हो ?"

"पहले कौन से बकरे के बारे में बताऊँ साहब, काले वाले के बारे में या सफेद वाले के बारे में ?"

"तुम ऐसा करो, पहले सफेद वाले के बारे में बता दो।"

"साहब, उसे मैं सुबह चराने लेकर आता हूँ और दोपहर को पानी पिलाता हूँ, फिर शाम तक चराता हूँ और पानी पिलाने के बाद ले जाकर उसकी खोली में बाँध देता हूँ।"

"और काले वाले को ?"

"साहब, उसे भी मैं सुबह चराने लेकर आता हूँ और दोपहर को पानी पिलाता हूँ, फिर शाम तक चराता हूँ और पानी पिलाने के बाद ले जाकर उसकी खोली में बाँध देता हूँ।"

"ठीक है, अब तुम ये बताओ कि इन बकरों की खोली कहाँ है और तुमने उनकी सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतज़ाम किए है ?"

"पहले कौन से बकरे के बारे में बताऊँ साहब, काले वाले के बारे में या सफेद वाले के बारे में ?"

"तुम ऐसा करो, पहले सफेद वाले के बारे में बता दो।"

"साहब, इसकी खोली मेरे घर के बगल में है और इसकी सुरक्षा के लिए मैंने खोली के आसपास मिट्टी की दीवार बना रखी है और सामने लकड़ी का एक दरवाज़ा लगा रखा है।"

"अब काले वाले की खोली और सुरक्षा के इंतज़ाम के बारे में बताओ।"

"साहब, इसकी भी खोली मेरे घर के बगल में है और इसकी सुरक्षा के लिए मैंने खोली के आसपास मिट्टी की दीवार बना रखी है और सामने लकड़ी का एक दरवाज़ा लगा रखा है। असल में दोनों की खोली एक ही है।"

"ठीक है। अब तुम ये बताओ कि तुम्हारे बकरों का जन्म कब हुआ था ?"

"पहले कौन से बकरे की जन्म तारीख बताऊँ साहब, काले वाले की या सफेद वाले की ?"

"तुम ऐसा करो, पहले सफेद वाले की बता दो।"

"साहब, इसका जन्म तीन मई दो हजार सत्रह को हुआ था।"

"और काले वाले का ?"

"साहब, इसका भी जन्म तीन मई दो हजार सत्रह को हुआ था। असल में ये दोनों जुड़वाँ भाई हैं।"

"अरे यार, जब तुम दोनों की देखभाल एक जैसे करते हो, दोनों को एक ही खोली में बाँधते हो और दोनों के सुरक्षा के इंतज़ाम भी एक जैसे है और दोनों का जन्म भी एक ही समय पर हुआ तो तुम इन दोनों के बारे में हर बार अलग-अलग सवाल क्यों पूछने लगा रहे हो ?"

"साहब, इन दोनों के बारे में अलग-अलग सवाल-जवाब छपेंगे तो दोनों को लोकप्रियता और अधिक मिलेगी और इससे इनकी कीमत और अधिक बढ़ जाएगी।"

"तू साले मेरे एडिटर से कम स्याना नहीं है।"

"साहब, आपने मुझसे कुछ कहा क्या ?"

"नहीं। तुम अब ये बताओ कि तुम्हें इन दोनों बकरों को पालने में अब तक कितना खर्च आया होगा ?"

"पहले कौन से बकरे का बताऊँ साहब, काले वाले का या सफेद वाले का ?"

"यार, मैं तेरा इंटरव्यू लेने की जगह तेरे बकरों का ही इंटरव्यू ले लेता तो फायदे में रहता।"

"साहब, ये काम तो आप अभी भी कर सकते हैं, पर आप काले वाले बकरे का इंटरव्यू मत लेना, सिर्फ सफेद वाले का लेना।"

"क्यों ?"

"काला वाला में-में से ज्यादा कुछ नहीं बोल पाता।"

"तो क्या सफेद वाला इंसानों की तरह सब कुछ बोल लेता है ?"

"नहीं साहब, वो भी में-में से ज्यादा कुछ नहीं बोल पाता है पर काला वाला तो आपके सवालों को भी समझ नहीं पाएगा और सिर हिलाकर 'हाँ' या 'नहीं' में जवाब तक नहीं दे पाएगा।

"तो क्या सफेद वाला मेरे सवालों को समझकर सिर हिलाकर 'हाँ' या 'नहीं' में जवाब दे सकता हैं ?"

"वो भी नहीं कर पाएगा, पर वो आपको मारने भी नहीं दौड़ेगा।"

"और काला वाला ?"

"वो भी आपको मारने नहीं दौड़ेगा, मगर ......।"

"अब तू अगर-मगर बंद करके अपने पैर का जूता निकाल और ये बोलकर मेरे सिर पर मार कि तू मेरा इंटरव्यू लेने आया क्यों ?"

"किस पैर का निकालू साहब ?"

"क्यों, दोनों पैर के जूते अलग-अलग कम्पनी के हैं क्या ?"

"साहब, मेरा दाहिने पैर का जूता माइक्रो नाम की कम्पनी का है।"

"और बाये पैर का ?"

"ये भी माइक्रो नाम की कम्पनी का ही है, पर ये जूता पचपन रूपये है।"

"और दाहिने पैर का ?"

"ये भी पचपन रूपये का हीं हैं, पर ये प्लास्टिक का है।"

"और बाये पैर का ?"

"ये भी प्लास्टिक का ही है, पर ये नौ नम्बर का है।"

"और दाहिने पैर का ?"

"ये भी नौ नम्बर का ही है, पर इसे मैंने आठ महीने पहले खरीदा था। अरे साहब, आप भाग क्यों रहे हैं ? ये तो पूछ लीजिए कि मैंने बाये पैर का जूता कब ख़रीदा था ? कमाल है, इंटरव्यू पूरा किए बिना ही भाग गए।"

संपादक बकरा जूता

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