Nandini Upadhyay

Inspirational


Nandini Upadhyay

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सपना

सपना

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8 साल का एक बच्चा था रोहन। जब आज सुबह उठा तो बहुत ही घबराया हुआ था। वह अपनी मम्मी के पास जाता है और कहता है कि, मम्मी ,मम्मी, मेरी बात तो सुनो। मम्मी थोड़ा बिजी रहती है वह कहती है बेटा परेशान मत करो, मुझे अभी काम करने दो। वो कहता है की मम्मी मेरी बात तो सुनो।मम्मी कहती है। बेटा पहले काम कर लु फिर आपको स्कूल भी तो जाना ह। मैं आपकी बात बाद में सुनुगी। वह चला जाता है और ब्रश करने के बाद अपनी दीदी के पास जाता है और दीदी से कहता है कि दीदी मेरी बात तो सुनो मम्मी तो मेरी बात सुनी नहीं रही है।

दीदी अपनी पढ़ाई कर रही होती है। वह कहती है कि अरे नहीं रोहन मेरे पास टाइम नहीं है तुम जाओ और मम्मी से कहो। तो रोहन काट है कि मम्मी तो मेरी बात नहीं सुन रही ह। आप तो सुन ली ना दीदी। दीदी कहती है अरे नहीं मेरे को अभी असाइनमेंट पूरा करना है अपन लोग रात में बात करेंगे। वह कहता है ठीक है। और तैयार होने लगता है। जब वह तैयार होकर स्कूल जाता है तैयार होकर स्कूल जाता है तो वह अपने पापा से कहता है कि पापा मुझे आपसे एक बात करनी है। मैंने रात में एक सपना देखा था। पापा कहते हैं कि नहीं बेटा अभी मैं ड्राइव कर रहा हूं ड्राइव करते हो तभी बात नहीं कर सकते हैं तुम बाद में मुझे बता देना।

आप मेरी बात तो सुनो , अरे नही अभी टाइम नही है बाद में बता देना बेटा। और इतने में स्कूल आ जाता हैं। और वह उतर जाता है। और वह और बाहर अंदर चला जाता है वह सब लोगों से अपनी बात कहने की कोशिश करता है किंतु ना उसके दोस्त ना टीचर कोई भी उसकी बात नहीं सुनते हैं फिर शाम को वापस आते टाइम उसका एक्सीडेंट हो जाता है तो जब उसको लोग उठाने आते हैं तो वह कहता है किसी ने मेरी बात नहीं सुनी मैं सब को कहता रहा कि मेरा सपना सुन लो मुझे मेरा बहुत बड़ा एक्सीडेंट होने वाला है।

मैं किसी ने मेरी बात नहीं सुनी और रोने लगता है इतने में उसको उसकी मम्मी की आवाज सुनाई देती रोहन रोहन रोहन जल्दी उठ जाओ रोहन मम्मी मेरा एक्सीडेंट हो गया मैं कैसे ?

जल्दी उठ जाओ उसे आवाजें सुनाई देती है लगता है कोई उठा रहा है। इतने में वह आंखें खोलता है और देखता है उसकी मम्मी उठा रही है। वह समझ जाता है कि वह तो सपना था अपने घर पर ही बेड पर सो रहा ह। वह बहुत खुश हो जाता है, खुशी से अपनी मम्मी को गले लगा लेता है। और और वह अपनी मम्मी को सारी बातें बताता है उसकी मम्मी पूरे ध्यान से उसकी बातें सुनती और बताती बेटा सपना ऐसे ही होते है और यह सच नहीं होते हैं।

हम लोग जो कुछ बातें सोचते हैं वह हमें सपने में आते हैं।वह यह सुनकर खुश ही जाता है क्योंकि सपने में तो मम्मी ने उसकी बात सुनी ही नही थी। फिर दीदी को बताता उसके दीदी भी सब बातें सुनती है।उसके बाद पापा को बताता है तो पापा भी उसकी सब बातें सुनते है और उसे समझाते है कि ये बाते सच नही होती है। तो वह सोचता है की सपने में तो ऐसा हुआ ही नहीं था। यह सच है की सब लोग मुझे बहुत प्यार करते हो और मेरा बहुत ध्यान रखते इसलिए अब में सपनों पर विश्वास नहीं करूंगा।


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