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बहके कदम
बहके कदम
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© Ashish Kumar Trivedi

Crime Drama

3 Minutes   13.7K    25


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अमन अपनी माँ को मनाने में लगा था. उसका कहना था कि इम्तेहान पास हैं उसके दोस्तों ने ग्रुप स्टडी करने की योजना बनाई है. सभी लोग उसके मित्र रितेश के घर पर एकत्र होने वाले हैं. वह भी जाना चाहता है ताकि अच्छी तैयारी हो सके.

उसकी मम्मी का कहना था,

"घर में कोई तुम्हें तंग करने वाला नही है. फिर दूसरे के घर जाने की क्या जरूरत है."

अमन ने तर्क दिया,

"ग्रुप स्टडी का फायदा है कि हम एक दूसरे की मदद कर सकते हैं. मुझे फिज़िक्स में दिक्कत होती है. रितेश फिज़िक्स का मास्टर है. वह मेरी मदद करेगा."

इतने से भी उसकी मम्मी संतुष्ट नही हुईं. अमन ने दांव खेला, "ठीक है नही जाता. यहीं रह कर पढ़ता हूँ. पर नंबर कम आएं तो मुझे मत कहना."

इस तर्क से मम्मी कुछ ढीली पड़ती नज़र आईं. उसने आगे कहा "आप मुझे अभी भी बच्चा समझती हैं. मुझ पर यकीन नही करतीं. मुझे यह अच्छा नही लगता है."

उसकी मम्मी पूरी तरह ढीली पड़ गईं,

"मुझे तुम पर पूरा यकीन है बेटा. पर तुम्हारे पापा भी यहाँ नही हैं. इसलिए घबराहट होती है कि कुछ गलत ना हो जाए."

अमन ने उन्हें आश्वासन दिया कि कुछ गलत नही होगा. अपना बैग उठा कर वह निकल गया.

बाहर उसके दोस्त उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे. सभी मोटरसाइकिल लेकर आए थे. अमन रितेश के साथ बैठ गया. मोटरसाइकिलों का काफ़िला अपने गंतव्य की ओर बढ़ गया.

दो साल पहले अमन के पिता अपनी कंपनी की ओर से विदेश चले गए. मम्मी की तबियत भी ठीक नही रहती थी. ऐसे में अमन भटक गया. उसकी दोस्ती कुछ बिगड़े लड़कों से हो गई. मन पढ़ाई से हट गया. उसकी मम्मी अक्सर उसे समझाती थीं कि वह कोई ऐसा काम ना करे जिससे पछताना पड़े. अमन गोल मोल बातें कर उन्हें बहला लेता था.

सभी लड़के शहर के बाहर बने फार्म हाउस में पहुँचे. वहाँ पार्टी चल रही थी. तेज़ संगीत बज रहा था. माहौल बहुत नशीला था. सभी मदमस्त नाच रहे थे.

रितेश बोला "चलो तुम्हें जन्नत की सैर कराऊं." उसने मेज पर सफेद पाउडर से बनी लकीर को नाक से खींचने के लिए कहा.

"पर यह तो ड्रग्स है." अमन झिझका. मनीष ने ताना मारा "रहने दो मम्मी का दुलारा डर रहा है."

खुद को साबित करने के लिए अमन ने उस ज़हर को भीतर खींच लिया. रितेश ने एक पैकेट उसके बैग में डाल दिया. उसे समझा कर बोला

"संभाल कर रखना, कीमती है. जिसे हम कहें उसे ही देना."

पार्टी पूरे शबाब पर थी कि तभी पुलिस की रेड पड़ गई. चारों तरफ भगदड़ मच गई. अमन के दोस्त मौका पाकर भाग गए लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

थाने में उसकी मम्मी पुलिस वालों के हाथ पैर जोड़ रही थीं. पर पुलिस का कहना था कि अमन के बैग में ड्रग्स मिली है. अब कोई उम्मीद नही.

अमन के बहके कदम उसे वहाँ ले आए थे जहाँ से सारे रास्ते बंद थे.

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