Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
कफ़न की तलाश
कफ़न की तलाश
★★★★★

© Kumar Vikash

Tragedy

1 Minutes   2.0K    34


Content Ranking

जिन्दगी बोझल सी बेमन सी हो गई थी दूर तक देखने पर भी न कोई राह न मंजिल मिल रही थी, सांसें मेरी मुझे अब लंबी लग रही थीं। सुबह निकलता था घर से लेके खाली हांथ साम को लौटूंगा कुछ लेके इस उम्मीद के साथ, दिनभर की मशक्कत के बाद भी जब न लगता था। कुछ हाँथ तब नज़र आते थे भूख से तङपते कलपते। अपने बच्चों के चेहरे और मन हो जाता था उदास, ऐसे घुट घुट कर जीने से तो अच्छा मैं मर जाऊं आज, और खत्म हो मेरी ये कफ़न की तलाश !

Poverty Life Death

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..