Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
छू लूँ आसमां मैं
छू लूँ आसमां मैं
★★★★★

© Rupa Gupta

Abstract

1 Minutes   7.2K    17


Content Ranking

शगुफ़्ता है मेरी प्रकृति 
ऐसी बातें ऐसे ही चलती 
ख्वाब देखूं मैं ऊँचे ऊँचे

कभी चाँद पर पहुंचकर
अठखेलियाँ करूँ तारों संग 
दुनिया चाहे करे मुझपे तंज
न किसी का डर ना कोई रंज

माँ बापु का प्यार है  मिलता
भाई बहन का दिल है जीता 
सखियों संग मेरा मकनातीस 
प्यार लुटाती फिरू चारों दिश

चलती फिरूँ...उड़ती फिरूँ ....
मस्त बनके पंछी में गगन में ...
आफताब को अपना बनाऊं में 
रोको न मुझे छू लूँ आसमां में...

आफताब को अपना बनाऊं में रोको न मुझे छू लूँ आसमां में...

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..