Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
अधूरा न्याय
अधूरा न्याय
★★★★★

© Ajay Amitabh Suman

Drama Thriller

1 Minutes   193    7


Content Ranking

जज साहब को बी.पी. हो गया है। सुगर लेवल भी हाई है। बहुत बेचैन से रहते हैं आजकल।

करीब ४-५ साल पहले उनके एक मित्र ने उनका ४-५ लाख रुपये का प्रोफेशनल फी क्लाइंट उनके नाम से लेकर खुद पचा लिया था। तब जज साहब सीनियर वकील हुआ करते थे। खून का घूँट पीकर रह गए थे।

आज उसी एडवोकेट मित्र का केस उनके पास आया था। बहुत बड़ा मुकदमा था। उनके एडवोकेट मित्र ने काफी जोर लगाया। पर जज साहब ने एक न सुनी। फैसला एडवोकेट मित्र के खिलाफ सुनाया। बदला पूरा हुआ।

जज साहब ने फैसला किया था, न्याय नहीं।

अब नींद आनी कम हो गई है। रात भर बेचैनी में करवटें बदलते हैं। न्याय का काम अधूरा छोड़ दिया था। भगवान ने पूरा कर दिया।

न्याय अन्याय अधूरा डॉक्टर वकील

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..